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हनुमान बेनीवाल ने खुद की सुरक्षा में तैनात जवान को लौटाया : गृह मंत्री को लिखा पत्र, बोले- मेरे खिलाफ षडयंत्र हो रहा

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजस्थान पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा में लगातार गंभीर बीमारियों से ग्रसित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही थी। इसे सुरक्षा में लापरवाही बताते हुए उन्होंने सुरक्षा जवान को रिजर्व पुलिस लाइन वापस भेज दिया।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Jul 18, 2026

Hanuman Beniwal

Hanuman Beniwal: सांसद हनुमा बेनीवाल ने गृह मंत्री को लिखा पत्र (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजस्थान पुलिस के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बेनीवाल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी को रिजर्व पुलिस लाइन वापस भेज दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ षडयंत्र किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया है।

बेनीवाल ने अपने ट्वीट में कहा कि यह मामला केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा प्रणाली से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका आरोप है कि नागौर जिले में पुलिस प्रशासन संभाल रहे अधिकारियों और रिजर्व पुलिस लाइन के जिम्मेदार कार्मिकों द्वारा जानबूझकर गंभीर बीमारियों से पीड़ित पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा ड्यूटी पर लगाया जा रहा है।

हनुमान बेनीवाल के पत्र की 5 प्रमुख बातें:

  • गंभीर बीमार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी: सुरक्षा में लगातार बीमार पुलिसकर्मियों को तैनात करने का आरोप।
  • तीन जवानों का जिक्र: सुनील बिश्नोई, बलवीर गुर्जर और सीताराम की स्वास्थ्य स्थिति का उल्लेख।
  • सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप: कहा कि इससे उनकी सुरक्षा और पुलिसकर्मियों दोनों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
  • इंटेलिजेंस इनपुट पर सवाल: पहले मिली सुरक्षा व्यवस्था हटाने के कारणों की जानकारी नहीं देने का आरोप।
  • अमित शाह और CM को पत्र: पूरे मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग।

छवि खराब करने का आरोप

पत्र में हनुमान बेनीवाल ने लिखा है कि ऐसी व्यवस्था न केवल उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यदि किसी बीमार पुलिसकर्मी की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी उन पर डालकर उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी हो सकती है।

तीन बीमार पुलिसकर्मियों का किया जिक्र

उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में उनकी सुरक्षा में लगाए गए तीन पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक रही। उनके अनुसार कांस्टेबल सुनील बिश्नोई पहले से न्यूरोलॉजी संबंधी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और 11 जुलाई को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें स्वयं सवाई मानसिंह अस्पताल, जयपुर लेकर जाना पड़ा।

कांस्टेबल सीताराम को वापस भेजा

वहीं कांस्टेबल बलवीर गुर्जर की 15 जुलाई को तबीयत खराब होने पर उन्हें पहले नागौर अस्पताल और बाद में जोधपुर एम्स रेफर कराया गया, जहां चिकित्सकों ने हृदय संबंधी पुरानी बीमारी की आशंका जताई। बेनीवाल ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में उनकी सुरक्षा में भेजे गए कांस्टेबल सीताराम भी स्वास्थ्य की दृष्टि से अस्वस्थ हैं।

पहले मिले थे कमांडो

सांसद ने अपने पत्र में यह भी कहा कि पहले राज्य पुलिस की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर उन्हें हथियारबंद कमांडो और पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया गया था। बाद में बिना किसी स्पष्ट कारण के सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया, जबकि उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि पहले मिले सुरक्षा इनपुट की वर्तमान स्थिति क्या है।

सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का आरोप

बेनीवाल का कहना है कि उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी राजस्थान पुलिस के महानिदेशक और अतिरिक्त महानिदेशक (इंटेलिजेंस) को भी दी थी, लेकिन जिला स्तर पर कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि कुछ अधिकारी प्रशासनिक निष्पक्षता के बजाय राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा व्यवस्था के प्रति गंभीर लापरवाही बरत रहे हैं।

उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग

बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी बीमार पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं डालना चाहते। इसी कारण उन्होंने सुरक्षा में तैनात जवान को वापस रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया और पूरे मामले में उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग की है।