सुशीलपुरा इलाके में नलों से बदबूदार पानी आने की शिकायत के बीच बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें उन्हें लोगों द्वारा दिया गया पानी सूंघकर वापस करते हुए देखा गया। घटना के महज 24 घंटे के भीतर इलाके में मरम्मत कार्य शुरू किया गया है।
जयपुर। राजधानी जयपुर के सिविल लाइन्स क्षेत्र के सुशीलपुरा इलाके में गंदे पानी को लेकर हुआ विवाद इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां नलों से बदबूदार पानी आने की शिकायत के बीच बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें उन्हें लोगों द्वारा दिया गया पानी सूंघकर वापस करते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधि दोनों सक्रिय हो गए और इलाके में पानी की लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद विधायक गोपाल शर्मा दोबारा सुशीलपुरा पहुंचे और वहां चल रहे सुधार कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पानी की समस्या के पीछे गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। उनके अनुसार पानी की राइजिंग लाइन नियमानुसार लगभग 5 फीट गहराई में डाली जानी चाहिए थी, लेकिन इसे महज करीब 1 फीट की गहराई पर ही बिछा दिया गया। इससे सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा और उसमें सीवर का गंदा पानी मिल गया, जिसके कारण लोगों को दूषित पानी की समस्या का सामना करना पड़ा।
विधायक ने कहा कि इस तरह की लापरवाही की वजह से आम जनता को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या का स्थायी समाधान करवाना उनकी जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि 'ये लोग मेरे अपने हैं और मैं भी इनका हूं।' साथ ही उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
दरअसल, यह पूरा मामला 1 अप्रैल को सामने आया था, जब सुशीलपुरा के कई घरों में नलों से सीवर जैसी बदबू वाला पानी आने लगा। शिकायत मिलने पर विधायक मौके पर पहुंचे तो लोगों ने नाराजगी जताई। इसी दौरान एक युवक गिलास में भरा गंदा पानी लेकर आया और विधायक से उसे पीने को कहा। विधायक ने पानी को सूंघकर वापस कर दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। बताया जा रहा है कि दूषित पानी पीने से कुछ बच्चे बीमार भी पड़ गए थे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर भेजकर दवाइयां और जरूरी उपचार उपलब्ध कराया गया।
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी इलाके में पहुंचे और सड़क की खुदाई को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि उनके कार्यकाल में यह सड़क नई बनी थी, फिर इसे दोबारा क्यों तोड़ा गया। फिलहाल जलदाय विभाग और नगर निगम की टीमें पाइपलाइन में आई खराबी को ठीक करने में लगी हुई हैं।