
जयपुर।
देश की दिग्गज महिला राजनीतिज्ञ और भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से सिर्फ राजनीतिक जगत के लोग बल्कि आमजन भी स्तब्ध है। 67 साल की आयु में 6 अगस्त, 2019 की रात 11.24 बजे सुषमा स्वराज का दिल्ली में निधन हो गया। स्वराज के दुनिया से रुखसत होने का ग़म हर आम और ख़ास को हो रहा है। खास तौर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी यूज़र्स अपने-अपने तरीके से शोक सन्देश पोस्ट करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
दरअसल, स्वराज का एक लंबा राजनीतिक सफर तो था ही, साथ ही उनके जीवन में बाल्यकाल से लेकर स्कूल और कॉलेज से जुडी भी ऐसी कई बातें हैं जिसकी लोगों को शायद जानकारी नहीं है।
sushma swaraj Unknown Interesting Lesser Known facts
1. 14 फरवरी, 1942 अम्बाला छावनी में हरदेव शर्मा तथा लक्ष्मी देवी के घर हुआ था। उनके पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख सदस्य रहे थे।
2. राज का परिवार मूल रूप से लाहौर के धरमपुरा क्षेत्र का निवासी था, जो अब पाकिस्तान में है।
3. सुषमा ने अम्बाला के सनातन धर्म कॉलेज से संस्कृत तथा राजनीति विज्ञान में स्नातक किया। 1970 में उन्हें अपने कालेज में सर्वश्रेष्ठ छात्रा के सम्मान से सम्मानित किया गया था।
4. वे तीन साल तक लगातार एसडी कालेज छावनी की एनसीसी की सर्वश्रेष्ठ कैडेट और तीन साल तक राज्य की श्रेष्ठ वक्ता भी चुनी गईं।
5. उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ से विधि की शिक्षा प्राप्त की। पंजाब विश्वविद्यालय से भी उन्हें 1973 में सर्वोच्च वक्ता का सम्मान मिला।
6. 1973 में ही स्वराज भारतीय सर्वोच्च न्यायलय में अधिवक्ता के पद पर कार्य करने लगीं।
7. 13 जुलाई 1975 को उनका विवाह स्वराज कौशल के साथ हुआ, जो सर्वोच्च न्यायालय में उनके सहकर्मी और साथी अधिवक्ता थे। कौशल बाद में छह साल तक राज्यसभा में सांसद रहे, और इसके अतिरिक्त वे मिजोरम प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं।
8. स्वराज दम्पत्ति की एक पुत्री है, बांसुरी, जो लंदन के इनर टेम्पल में वकालत कर रही हैं।
9. सुषमा स्वराज स्वभाव से एक धार्मिक महिला हैं। जानकार कहते हैं कि पहनावे से लेकर खाने तक में ये दिन के हिसाब से रंगों का चयन करती हैं। उदाहरण के तौर पर बताते हैं कि गुरुवार को वे पीले रंग की साड़ी पहनती थीं और उसी रंग का भोजन भी खाती थीं।
10. सुषमा स्वराज और उनके पति की उपलब्धियों के ये रिकार्ड लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज़ करते हुए उन्हें विशेष दम्पत्ति का स्थान दिया गया है।
पति-पत्नी दोनों ही राजनीति में
2014 के लोकसभा चुनाव में वे मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से लोकसभा की सदस्या चुनी गईं। 1975 में उनका विवाह स्वराज कौशल के साथ में हुआ था। कौशल जी छह साल तक राज्यसभा में सांसद रहे इसके अलावा वे मिजोरम प्रदेश के राज्यपाल भी रहे। स्वराज कौशल अभी तक सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करने वाले व्यक्ति हैं।
सुषमा स्वराज और उनके पति की उपलब्धियों के ये रिकार्ड लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज़ करते हुए उन्हें विशेष दम्पत्ति का स्थान दिया गया है। स्वराज दम्पत्ति की एक पुत्री है जो वकालत कर रही हैं।
हरियाणा सरकार में श्रम व रोजगार मन्त्री रहने वाली सुषमा अम्बाला छावनी से विधायक बनने के बाद लगातार आगे बढ़ती गयीं और बाद में दिल्ली पहुँचकर उन्होंने केन्द्र की राजनीति में सक्रिय रहने का संकल्प लिया जिसमें वे अंत तक सक्रिय थीं।