
जयपुर . राजस्थान के बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता को लेकर हालात चिंताजनक हैं। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 की राष्ट्रीय रैंकिंग में जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे प्रदेश के प्रमुख शहर अपनी-अपनी श्रेणी में काफी पीछे रहे हैं। वहीं ज्यादातर शहर राष्ट्रीय रैंकिंग में जगह तक नहीं बना सके। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ अव्वल है। मप्र के इंदौर व जबलपुर क्रमशः दूसरे, तीसरे स्थान पर रहे।
राजस्थान से जयपुर 174 अंक के साथ 20वें स्थान पर रहा, जबकि जोधपुर को 163.2 अंक के साथ 24वां और कोटा को 146.3 अंक के साथ 37वां स्थान मिला। प्रदेश के तीनों बड़े शहर राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी शहरों की रैंकिंग सूची में पीछे हैं। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि राजस्थान के कई अन्य प्रमुख शहर राष्ट्रीय रैंकिंग में अपनी जगह नहीं बना सके।
सर्वेक्षण में 130 शहरों को शामिल किया गया था। इन्हें आबादी के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया। शहरों की रैंकिंग प्रदूषण नियंत्रण प्रयास, विशिष्ट स्वच्छ वायु कार्ययोजना का क्रियान्वयन, शहर का स्व-मूल्यांकन, राज्य स्तरीय निगरानी समिति की मंजूरी, सीपीसीबी का मूल्यांकन और स्वतंत्र समितियों का मैदानी सत्यापन के आधारों पर हुई। यानी यह केवल एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) की रैंकिंग नहीं है।
■ लखनऊ: 198 अंक 01
■ इंदौर: 197 अंक 02
■ जबलपुर: 195 अंक 03
■ भोपाल: 192 अंक 04
■ आगरा: 192 अंक 04
■ सूरत: 191 अंक 05
(10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर)
3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में अलवर 192 अंक के साथ छठे और उदयपुर 187.5 अंक के साथ आठवें स्थान पर रहे। दोनों शहरों ने टॉप-10 में जगह बनाकर प्रदेश को राहत जरूर दी, लेकिन कोई भी शहर अपनी आबादी वाली श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष तीन में जगह नहीं बना सका। इस श्रेणी में राउरकेला 198.5 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि फिरोजाबाद और गुंटूर ने 195-195 अंक के साथ दूसरा स्थान साझा किया। अलवर का स्कोर राउरकेला से 6.5 अंक कम रहा।
तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का कोई भी शहर जगह नहीं बना सका। इस श्रेणी में कलिंगानगर 198.5 अंक के साथ पहले, अंगुल 196.5 अंक के साथ दूसरे और तालचेर 193.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
रैंकिंग में 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों में जयपुर का वार्ड 135, 10 से 30 हजार आबादी वाले वार्डों में जयपुर का वार्ड 41 और 10 हजार से कम आबादी वाले वार्डों में अलवर का वार्ड 64 राज्य स्तरीय पुरस्कार सूची में शामिल हैं।