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राजस्थान निकाय चुनाव : 162 निकायों में सुबह 7 बजे से शुरू होगा मतदान, 105 दिग्गजों के लिए बड़ा इम्तिहान

राजस्थान में बुधवार को 4 नगर निगमों सहित 162 निकायों में वोटिंग होगी। भाजपा के सामने सरकार की साख बचाने की चुनौती है। दूसरी तरफ कांग्रेस के लिए संगठन पुनर्गठन का पहला बड़ा टेस्ट है। टिकट से प्रचार और बोर्ड गठन तक जिम्मेदारी संभालने वाले नेताओं के प्रभाव का भी इस चुनाव में आकलन होगा।
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जयपुर

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Kamal Mishra

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Updated: 8 Sep 2026, 11:25 PM IST

162 local bodies and 4 major civic bodies

राजस्थान के 162 निकायों और 4 बड़े नगर निगमों में बुधवार को होगी वोटिंग (पत्रिका फाइल फोटो)

जयपुर। प्रदेश के नगरीय निकायों में पहली बार ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की तर्ज पर दो चरणों में एकसाथ हो रहे चुनाव के पहले चरण का मतदान बुधवार को सुबह 7 बजे से 4 नगर निगमों सहित 162 निकायों में होगा। इस चुनावी रण में स्थानीय बोर्डों के गठन से कहीं आगे भाजपा-कांग्रेस के 105 दिग्गज नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। सत्ताधारी भाजपा जहां चुनाव में बाजी मारकर अपने पौने तीन साल के कार्यकाल पर बेहतर कामकाज की जनता से मुहर लगवाना चाहती है, वहीं विपक्षी कांग्रेस के लिए यह संगठन की सक्रियता और चुनावी तैयारियों की परीक्षा है।

प्रदेश स्तर पर भाजपा की ओर से टिकट वितरण से लेकर प्रचार तक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ जोर-शोर से जुटे रहे। कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली चुनावी रणनीति के केंद्र में रहे। हालांकि टिकट वितरण के बाद दोनों ही अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों तक प्रचार में सीमित रहे।

जमीन पर पकड़ किसकी कितनी, चुनाव परिणाम से होगी तय

पहले चरण में प्रदेश की 309 नगरीय निकायों में से 162 के लिए वोट पड़ेंगे। इन क्षेत्रों से भाजपा के सभी 14 लोकसभा सांसद जुड़े हैं, जिनमें 4 केंद्र सरकार में मंत्री हैं। राज्य सरकार के 11 मंत्री और 55 से अधिक विधायक भी इन चुनावों से सीधे जुड़े हुए हैं। कई पूर्व मंत्री-विधायक भी चुनावी मैदान में सक्रिय हैं। कांग्रेस की ओर से 8 सांसद, 27 विधायक और कई पूर्व मंत्री टिकट वितरण से लेकर प्रचार तक मुख्यधारा में रहते हुए चुनाव में शामिल हैं। दोनों दलों में इन नेताओं की प्रतिष्ठा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि उन्हें टिकट वितरण, चुनाव प्रचार और परिणाम के बाद बोर्ड बनाने की रणनीति तक की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में पहले चरण के नतीजे कई दिग्गजों की राजनीतिक पकड़ और संगठन में प्रभाव का भी संकेत देंगे।

भाजपा के केन्द्रीय मंत्री, मंत्री, सांसद-विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर

भाजपा के लिए यह चुनाव सरकार के कामकाज के साथ संगठन की चुनावी पकड़ की परीक्षा भी है। पहले चरण में पार्टी से जुड़े सभी 14 लोकसभा सांसदों के क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं। इनमें चार केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं। इनके अलावा राज्य सरकार के मंत्री और 53 विधायक सीधे चुनावी समीकरणों से जुड़े हैं। पूर्व मंत्री-विधायकों की सक्रियता भी पार्टी के लिए अहम है।

केन्द्र में मंत्रीः गजेंद्र सिंह शेखावत, भूपेंद्र यादव, अर्जुन राम मेघवाल, भागीरथ चौधरी।

भाजपा सांसदः रावराजेंद्र सिंह, मंजू शर्मा, लुंबाराम चौधरी, दुष्यंत सिंह, सीपी जोशी, दामोदर अग्रवाल, पीपी चौधरी, दुष्यंत सिंह, मन्नालाल रावत, महिमा कुमारी।

उप मुख्यमंत्री-मंत्रीः प्रेमचंद बैरवा, किरोड़ी लाल मीणा, संजय शर्मा, मदन दिलावर, जवाहर सिंह बेढम, झाबर सिंह खर्रा, हेमंत मीणा, हीरालाल नागर, मंजू बाघमार, विजय सिंह व के.के. विश्नोई।

भाजपा विधायकः वसुंधरा राजे (झालावाड़), शंकर सिंह रावत (ब्यावर), हंसराज पटेल (कोटपूतली), हरलाल सहारण (चूरू), जोगेश्वर गर्ग (जालोर), राधेश्याम बैरवा (बारां), दर्शन सिंह (करौली), महंत बालकनाथ (तिजारा), छोटूसिंह भाटी (जैसलमेर), राजेंद्र भांबू (झुंझुनूं), शत्रुघ्न गौतम (केकड़ी), रामस्वरूप लांबा (नसीराबाद), रामसहाय वर्मा (निवाई), राजेंद्र गुर्जर (देवली-उनियारा), वीरेंद्र सिंह (मसूदा), गोपाल लाल शर्मा (मांडलगढ़), कुलदीप (विराटनगर), देवी सिंह शेखावत (बानसूर), संजीव कुमार (भादरा), बहादुर सिंह (वैर), जितेंद्र गोठवाल (खंडार), कैलाश वर्मा (बगरू), रामअवतार बैरवा (चाकसू), विद्याधर सिंह (फुलेरा), लक्ष्मण मीणा (बस्सी), महेंद्र पाल मीणा (जमवारामगढ़), सुखवंत सिंह (रामगढ़), सुभाष मील (खंडेला), विक्रम सिंह जाखल (नवलगढ़), धर्मपाल (खेतड़ी), बाबूसिंह राठौड़ (शेरगढ़), अर्जुनलाल (बिलाड़ा), देवेंद्र जोशी (सूरसागर), अतुल भंसाली (जोधपुर), छगन सिंह राजपुरोहित (आहोर), शोभा चौहान (सोजत), पुष्पेंद्र सिंह (बाली), केसाराम चौधरी (मारवाड़ जंक्शन), ओटाराम देवासी (सिरोही), समाराम गरासिया (पिंडवाड़ा-आबू), मदन दिलावर (रामगंजमंडी), कालूराम (डग), उदयलाल डांगी (वल्लभनगर), विश्वराज सिंह मेवाड़ (नाथद्वारा), सुरेंद्र सिंह राठौड़ (कुंभलगढ़), सुरेश धाकड़ (बेगूं), हंसराज मीणा (सपोटरा), भागचंद टांकड़ा (बांदीकुई), राजेंद्र मीणा (महवा), विक्रम बंशीवाल (सिकराय), नौक्षम चौधरी (कामां), अरुण चौधरी (पचपदरा), हमीर सिंह भायल (सिवाना)।

भाजपा के पूर्व मंत्री-विधायकः राजेन्द्र राठौड़, प्रभुलाल सैनी, अशोक परनामी।

कांग्रेस के सांसद-विधायकों और पूर्व मंत्रियों की साख की परीक्षा

कांग्रेस के लिए पहले चरण का चुनाव खास तौर पर महत्वपूर्ण है। पार्टी हाल के संगठनात्मक बदलावों के बाद जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ दिखाने की कोशिश में है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ 8 सांसद, 27 विधायक और कई पूर्व मंत्री-विधायक चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। इनके लिए परिणाम संगठन की चुनावी क्षमता और स्थानीय राजनीतिक प्रभाव का आकलन भी होंगे।

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कांग्रेस सांसदः राहुल कस्वां, हरीश चंद्र मीणा, उम्मेदाराम बेनीवाल, बृजेंद्र सिंह ओला, संजना जाटव, भजन लाल जाटव, मुरारीलाल मीणा, कुलदीप इंदौरा।

कांग्रेस विधायकः गोविंद सिंह डोटासरा (लक्ष्मणगढ़), टीकाराम जूली (अलवर ग्रामीण), हरेंद्र मिर्धा (नागौर), शोभारानी कुशवाह (धौलपुर), मनीष यादव (शाहपुरा), शिखा मील बराला (चौमूं), हरिमोहन शर्मा (बूंदी), अर्जुन सिंह बामनिया (बांसवाड़ा), गणेश घोघरा (डूंगरपुर), डूंगरराम गेदर (सूरतगढ़), सोहनलाल नायक (रायसिंहनगर), शिमला देवी (अनूपगढ़), अमित चाचन (नोहर), अभिमन्यु (संगरिया), रोहित बोहरा (राजाखेड़ा), वीरेंद्र सिंह (दांतारामगढ़), भगवानाराम सैनी (उदयपुरवाटी), गीता बरवाड़ (भोपालगढ़), प्रमोद जैन भाया (अंता), अशोक (हिंडोली), सीएल प्रेमी बैरवा (केशवरायपाटन), पुष्कर लाल डांगी (मावली), मुकेश भाकर (लाडनूं), जाकिर हुसैन गेसावत (मकराना), दीनदयाल (दौसा), हाकम अली खान (फतेहपुर), दीपचंद खैरिया (किशनगढ़बास)।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री-विधायकः ममता भूपेश, रमेश मीणा, बाबूलाल नागर, दीपेंद्र सिंह शेखावत, सीपी जोशी, जाहिदा खान, शकुंतला रावत, रघु शर्मा, महेंद्रजीत सिंह मालवीय, विश्वेंद्र सिंह।

चार निगमों के 73 वार्डों में सीधी टक्कर

पहले चरण में भरतपुर, अलवर, बीकानेर और भीलवाड़ा नगर निगमों के 279 वार्डों में मतदान होगा। इनमें 73 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। 76 वार्डों में त्रिकोणीय और 130 वार्डों में बहुकोणीय संघर्ष की स्थिति है।

भरतपुर (65 वार्ड): 23 में सीधी, 28 में त्रिकोणीय, 14 में बहुकोणीय टक्कर।

अलवर (65 वार्ड): 4 में सीधी, 9 में त्रिकोणीय, 52 में बहुकोणीय मुकाबला।

बीकानेर (79 वार्ड): 9 में सीधी, 15 में त्रिकोणीय, 55 में बहुकोणीय संघर्ष।

भीलवाड़ा (70 वार्ड): 37 में सीधी, 24 में त्रिकोणीय और 9 में बहुकोणीय मुकाबला।

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