
Ai Generated Image
सीकर. देशभर में मीठे स्वाद के लिए प्रसिद्ध शेखावाटी का प्याज अब किसानों के लिए मुनाफे का सौदा और उपभोक्ताओं के लिए महंगाई की चिंता बन गया है। सीकर मंडी में प्याज के थोक भाव 35 से 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। रोजमर्रा की जरूरत चीनी के बाद अब खुदरा बाजार में प्याज के भाव 60 से 70 रुपए प्रति किलो तक हैं। महज एक सप्ताह में ही भाव बढ़ते ही स्टॉकिस्ट भी सक्रिय हो गए हैं। इसके अलावा इस बार बुवाई के समय प्रतिकूल मौसम के कारण प्याज की पौध भी प्रभावित हुई। वहीं अब किसानों ने भी अच्छे भाव की उम्मीद में प्याज रोक लिया है। दूसरी ओर देश के प्रमुख प्याज मंडी से भी प्याज की आवक कम है। व्यापारियों का कहना है कि नई फसल आने में अभी करीब दो माह लग सकते हैं। ऐसे में प्याज के भावों में तेजी बनी रहेगी। गौरतलब है कि इस बार सीकर में प्याज का बुवाई क्षेत्र दस हजार हेक्टेयर से भी कम रहा है।
मुहाना मंडी जयपुर में आलू-प्याज आढ़तिया संघ के अध्यक्ष शिवशंकर शर्मा ने बताया कि प्याज के दाम बीते 20 दिनों में 40% बढ़े हैं। जयपुर में थोक में 30 से 50 रुपए तक बिक रहा है। फिलहाल मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, जोधपुर, कुचामन से मंगवा रहे हैं। आवक कम व एक्सपोर्ट होने से कीमतें बढ़ी हैं। अब कर्नाटक से नए प्याज की आवक शुरू हो जाएगी। अगले महीने से कीमतें बजट में रहने के आसार हैं।
प्रदेश में प्याज उत्पादन के मामले में अलवर के बाद सीकर का दूसरा स्थान है। जिले में प्याज के उत्पादन से 50 हजार से ज्यादा किसान सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। ऐसे में प्याज के भाव में होने वाली तेजी का सीधा असर किसानों की आय पर पड़ता है। फिलहाल जिन किसानों के पास प्याज का स्टॉक मौजूद है, उन्हें बाजार में चल रही मौजूदा तेजी का फायदा मिल सकता है।
सीकर प्याज मंडी के थोक व्यापारी प्रेमसुख काजला का कहना है कि प्याज के भाव में लगातार तेजी बनी हुई है। प्याज की कीमतों में आई इस तेजी से किसानों को फायदा हो रहा है, जबकि दूसरी ओर आम आदमी को बाजार में प्याज महंगे भाव पर खरीदना पड़ रहा है।
Updated on:
09 Sept 2026 09:08 am
Published on:
09 Sept 2026 09:08 am
