
राजस्थान के सीकर शहर में कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पुलिस कंट्रोल रूम और पुलिस लाइन के ठीक सामने स्थित नामचीन ज्वेलरी शोरूम में दोपहर करीब 1 बजे हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े घुसकर लूटपाट का प्रयास किया। हालांकि, शोरूम के सुरक्षा गार्ड्स और सजग स्टाफ की अदम्य बहादुरी और ऐन मौके पर बजे सिक्योरिटी सायरन के चलते बदमाश अपने नापाक मंसूबों में पूरी तरह नाकाम हो गए। खुद को फंसता देख और पकड़े जाने के डर से घबराए बदमाशों ने दहशत फैलाने की नीयत से हवाई फायरिंग की और बिना कोई कीमती सामान या नकदी चुराए मौके से फरार हो गए।
वारदात के समय और बदमाशों के घुसने के तरीके को लेकर मिली प्रत्यक्षदर्शियों व पुलिस जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजे दो मोटरसाइकिलों और एक कार में सवार होकर आए लगभग 6 से 7 बदमाश हथियारों के साथ सीधे तनिष्क शोरूम के भीतर दाखिल हुए।
शोरूम के अंदर घुसते ही बदमाशों ने हथियारों के बल पर स्टाफ और ग्राहकों को धमकाते हुए आभूषण व नकदी लूटने की कोशिश की।
शोरूम के भीतर मौजूद स्टाफ ने जिस सूझबूझ का परिचय दिया, उसी के चलते एक बहुत बड़ी डकैती होने से बच गई। हथियारों से लैस अपराधियों को देखकर घबराने के बजाय शोरूम के सुरक्षा गार्ड्स और कर्मचारियों ने गजब की मुस्तैदी दिखाई और बदमाशों को दबोचने व रोकने के लिए आगे बढ़े।
इसी खींचातानी के बीच शोरूम का ऑटोमैटिक सिक्योरिटी अलार्म (सायरन) जोर-जोर से बजने लगा। सायरन के शोर और स्टाफ के आक्रामक रुख से बदमाश पूरी तरह घबरा गए। खुद को घिरता देख उन्होंने भागने का रास्ता बनाने और दहशत कायम करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं और तेजी से बाहर की ओर दौड़े।
फायरिंग के बाद सभी बदमाश अपनी गाड़ियों में सवार होकर कल्याण सर्किल की तरफ तेजी से भाग निकले। इस घटना के बाद सीकर पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। क्योंकि यह सनसनीखेज वारदात पुलिस कंट्रोल रूम और पुलिस लाइन के बिल्कुल सामने घटित हुई, इसलिए सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल, आरएसी (RAC) की विशेष टुकड़ियां और जिले के उच्च पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के सख्त निर्देशों पर तुरंत पूरे सीकर जिले में 'A' श्रेणी की नाकेबंदी लागू कर दी गई है। जिले से बाहर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों, राजमार्गों और रेलवे व बस स्टेशनों पर सघन चेकिंग अभियान जारी है।
पुलिस की फोरेंसिक टीम और साइबर सेल शोरूम के भीतर व आसपास के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है, ताकि बदमाशों के चेहरों, हुलिए और उनके इस्तेमाल किए गए वाहनों के नंबर ट्रेस किए जा सकें।