
पारंपरिक शैली में संवर रही ऐतिहासिक धरोहर
लवाण. क्षेत्र के मांडेडा सुनारपुरा स्थित करीब 200 वर्ष पुराने प्राचीन बालाजी मंदिर का भव्य नवनिर्माण कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है। लगभग 50 लाख रुपये की लागत से मंदिर को आधुनिक स्वरूप देते हुए उसकी पारंपरिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सहेजा जा रहा है। निर्माण में स्थानीय ग्रामीणों व श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग मिल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर लंबे समय से क्षेत्र की आस्था का केंद्र रहा है, लेकिन समय के साथ इसकी संरचना जर्जर हो गई थी। इसके बाद ग्रामवासियों ने सामूहिक पहल कर नवनिर्माण का निर्णय लिया। शिल्पकार पारंपरिक शैली में मंदिर का निर्माण कर रहे हैं।
इस कार्य में रामफूल मीणा (सीआरपीएफ), कमलेश मांडेडा, कृष्ण घुसींगा, लल्लू मास्टर, रूपनारायण मीणा और राधेश्याम मीणा सहित कई ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि मंदिर के भव्य रूप में तैयार होने के बाद यह क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल बनेगा और धार्मिक आयोजनों में भी बढ़ोतरी होगी।
फोटो कैप्शन:
लवाण। मांडेडा सुनारपुरा में निर्माणाधीन प्राचीन बालाजी मंदिर।