नगर निगम आयुक्त गौरव सैनी सोमवार को देर रात शहर की व्यवस्थाओं को परखने निकले। परकोटा क्षेत्र में कई जगह उन्हें स्ट्रीट लाइट बंद मिली। अस्थाई अतिक्रमण उन्होंने खड़े होकर हटवाए।
जयपुर। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम जयपुर आयुक्त गौरव सैनी ने सोमवार देर रात करीब चार घंटे तक विभिन्न इलाकों का औचक निरीक्षण किया। रात्रिकालीन सफाई, मैकेनाइज्ड स्वीपिंग और अतिक्रमण की स्थिति का मौके पर जायजा लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
टोंक रोड से शुरू हुआ निरीक्षण
आयुक्त ने निरीक्षण की शुरुआत टोंक रोड से की। इसके बाद वे स्टैच्यू सर्कल, अंबेडकर सर्कल, रामबाग सर्कल और सवाई मानसिंह अस्पताल के आसपास सफाई व्यवस्था देखने पहुंचे। यहां चल रही मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों के कामकाज को परखा और सफाई की गुणवत्ता की जांच की। जहां-जहां कचरे के ढेर नजर आए, वहां से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर तुरंत सफाई करवाने के निर्देश दिए।
अस्थायी दुकानों पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान अस्थायी रूप से लगाई गई दुकानों के आसपास गंदगी पाए जाने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई। मौके पर ही विजिलेंस टीम को बुलाकर अतिक्रमण हटवाया और संबंधितों से भारी कैरिंग चार्ज वसूलने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने दुकानदारों को स्पष्ट कहा कि प्रत्येक दुकान पर डस्टबिन अनिवार्य रूप से रखा जाए और दुकान के आसपास की सफाई उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
चारदीवारी में अवैध बैनर-पोस्टर पर कार्रवाई
शहर की चारदीवारी क्षेत्र में अवैध बैनर-पोस्टर लगाए जाने पर भी आयुक्त ने आपत्ति जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
जल महल क्षेत्र और चौपड़ का पैदल दौरा
जलमहल के आसपास सूख रहे पेड़ों और उद्यान व्यवस्था को लेकर उपायुक्त (उद्यान) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद आयुक्त ने छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़ और चांदपोल क्षेत्र का पैदल दौरा कर सफाई, रोशनी और पशु प्रबंधन की स्थिति देखी।
निराश्रित एवं बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए उपायुक्त (पशु प्रबंधन) को मौके पर ही निर्देशित किया गया।
बंद पड़ी लाइटें तुरंत ठीक कराने के निर्देश
मुख्य मार्गों और चारदीवारी के कुछ स्थानों पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर भी आयुक्त ने नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाकर लाइटें ठीक कराने और जहां आवश्यक हो नई लाइट लगाने के निर्देश दिए।