Jaipur cab scams : शहरों में अनजान लोगों, महिलाओं, बच्चों, और बुजुर्गों के साथ दुराचार के 2,000 मामले सामने आए, जिनमें जयपुर (800) और उदयपुर (500) अग्रणी हैं। रेप और छेड़छाड़ के 150 मामले दर्ज हुए, जिनमें 60% मामले जयपुर में हैं।
सविता व्यास
केस -1 : अभद्र टिप्पणी सुनते ही डर गई
कोटा की छात्रा लक्षिता ने बताया कि देर रात ट्यूशन से लौटते समय उसने बाइक बुक की। सफर के दौरान ड्राइवर ने उस पर असभ्य टिप्पणी कर दी। घबराई हुई लक्षिता ने घर पहुंचकर परिवार वालों को पूरी बात बताई। जब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात की तो घरवालों ने मना कर दिया।
केस -2 : राइड कैंसिल कर खाते से काटे 50 रुपए
जयपुर में निजी कंपनी में कार्यरत राधिका शर्मा ने ऑफिस से घर लौटने के लिए पीक आवर में कैब बुक की। कुछ ही देर बाद ड्राइवर ने बिना कारण बताए राइड कैंसिल कर दी। राधिका को और भी झटका तब लगा जब उनके खाते से 50 रुपए कट गए। कंपनी को शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं मिला।
जयपुर। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने हाल ही में ऑनलाइन राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म रेपिडो पर 'पांच मिनट में ऑटो या 50 रुपए' के भ्रामक विज्ञापन को लेकर10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। तमाम ग्राहकों ने तब शिकायत की जब न तो समय पर ऑटो मिला और न ही मुआवजा। यह कार्रवाई राजस्थान समेत पूरे देश की कैब कंपनियों के लिए बढ़ती शिकायतों के बीच नसीहत है। पूरे देश में पांच साल में (2020-2024) करीब 12 लाख शिकायतें ऑनलाइन/ऑफलाइन किराए में हेरफेर, राइड कैंसिलेशन, और असभ्य व्यवहार आम, बीच बीच में एसी बंद करना, गलत तरीके से गाड़ी चलाना आदि की दर्ज कराई गई है। बात अगर राजस्थान की करें तो पिछले पांच वर्षों (2020-2024) में कैब कंपनियों के खिलाफ 2.5 लाख शिकायतें दर्ज हुईं। ये शिकायतें किराए में मनमानी (36%), राइड कैंसिलेशन (24%), असभ्य व्यवहार (20%), एसी बंद करने (8%) आदि से संबंधित हैं।
राजस्थान में टैक्सियों की संख्या और वितरण
सडक़ परिवहन मंत्रालय की वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में कुल 1.2 लाख रजिस्टर्ड टैक्सियां/कैब हैं, जिनमें 80% (96,000) असंगठित और 20% (24,000) संगठित क्षेत्र (ओला, उबर, रेपिडो) से हैं। जयपुर में सबसे अधिक 40,000 टैक्सियां, इसके बाद उदयपुर (20,000), जोधपुर (15,000), और कोटा (10,000) हैं।
दुराचार और सुरक्षा चिंताएं
शहरों में अनजान लोगों, महिलाओं, बच्चों, और बुजुर्गों के साथ दुराचार के 2,000 मामले सामने आए, जिनमें जयपुर (800) और उदयपुर (500) अग्रणी हैं। रेप और छेड़छाड़ के 150 मामले दर्ज हुए, जिनमें 60% मामले जयपुर में हैं। पुलिस ने 100 मामलों में एफआईआर दर्ज की, जिसमें 70 ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया। कैब कंपनियों ने केवल 15% मामलों (300) में ड्राइवरों को निलंबित किया।
सरकारी दिशा-निर्देश और कार्रवाई
सडक़ परिवहन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में जीपीएस, ड्राइवर का सत्यापन और 20% कमीशन सीमा अनिवार्य है। राजस्थान पुलिस ने 2023 में कैब ड्राइवरों के लिए अनिवार्य सुरक्षा प्रशिक्षण शुरू किया। हालांकि, 60% ड्राइवर उच्च कमीशन और अनिश्चित आय को लेकर असंतुष्ट हैं और यही कारण है कि वे किराए में हेरफेर करते हैं।
प्रस्ताव भेजा
मई में परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। जल्दी प्रस्ताव पर निर्णय लेकर किराया सूची जारी कर दी जाएगी।
राजेंद्र सिंह शेखावत आरटीओ प्रथम जयपुर