जयपुर. आगरा रोड पर जामडोली में सीवर लाइन का काम बीच में बंद होने का मामला बुधवार को विधानसभा में गूंजा। विधायक रफीक खान ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने 270 करोड़ रुपए की लागत से सीवर लाइन डालने का ठेका दिया, लेकिन अब ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर […]
जयपुर. आगरा रोड पर जामडोली में सीवर लाइन का काम बीच में बंद होने का मामला बुधवार को विधानसभा में गूंजा। विधायक रफीक खान ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने 270 करोड़ रुपए की लागत से सीवर लाइन डालने का ठेका दिया, लेकिन अब ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि ठेकेदार को काम छोड़ना पड़ा? खान ने बिना मास्टर प्लान बनाए ही जयपुर का दायरा बढ़ाने को लेकर कहा कि अनेक क्षेत्रों को जेडीए के अधिकार क्षेत्र में शामिल कर दिया गया। क्या विजन है, क्यों विस्तार कर रहे हैं, उनको पता ही नहीं।
आगरा रोड पर सीवर लाइन का काम पिछले कई दिन से बंद पड़ा है, इसे लेकर राजस्थान पत्रिका ने 16 फरवरी को 'जामडोली: सीवर का सपना अधूरा, बीच राह काम बंद, उधड़ी सड़कों को छोड़ भागे' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर लोगों की पीड़ा को उजागर किया था।
रफीक खान ने कानोता बांध में कब्जा करने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि बगराना में सरकारी जमीन और कानोता बांध में कब्जा हो रहा है। चारों तरफ धन्ना सेठों के फार्म हैं, जिन्होंने कानोता बांध को छोटा कर दिया और मिट्टी की भराई कर जगह बढ़ाए जा रहे हैं। मौके पर अधिकारियों को भेजकर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के कामों को रोकने का भी आरोप लगाया। मेट्रो का काम किस फिजिबिलिटी के आधार पर रोका गया, फिर क्यों चालू कर दिया। रामगंज स्टेशन बदल दिया। कांग्रेस सरकार ने खोले के हनुमानजी मंदिर में पार्किंग के लिए 20 करोड़ रुपए स्वीकृत किए, गोविंददेवजी मंदिर में 100 करोड़ रुपए और चूलगिरी मंदिर के लिए भी बजट स्वीकृत किया था, लेकिन कामों को रोक दिया।