जयपुर

हंस से परमहंस बनने का मार्ग है चातुर्मास : साध्वी इंदुप्रभा

Jul 29, 2026
Rajasthan

हुब्बल्ली. श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ हुब्बल्ली के तत्वावधान में महावीर भवन परिसर में साध्वी इंदुप्रभा, साध्वी डॉ. दर्शनप्रभा, साध्वी डॉ. समीक्षा प्रभा, साध्वी दीप्तिप्रभा एवं साध्वी हीरलप्रभा आदि ठाणा-5 के पावन सान्निध्य में चातुर्मासिक प्रवचनमाला का श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। साध्वी डॉ. समीक्षा प्रभा ने कहा कि चातुर्मास हमारा सेमेस्टर है, जिनवाणी हमारा सिलेबस है, साधु-संत हमारे शिक्षक हैं, आचरण हमारी परीक्षा है और हमारी गति उसका परिणाम है। साध्वी डॉ. दर्शनप्रभा ने अपने प्रवचन में कहा कि चातुर्मास का संदेश है क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे चार कषायों का त्याग कर दान, शील, तप और भावना जैसे चार श्रेष्ठ गुणों को जीवन में धारण किया जाए।
Bहर मंगलवार श्री घंटाकर्ण स्तोत्र जाप का विशेष आयोजनB

साध्वी इंदुप्रभा ने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि चातुर्मास का उद्देश्य जीवों को मोह, अज्ञान और प्रमाद की निद्रा से जगाकर आत्मजागरण की ओर प्रेरित करना है। श्रावण और भाद्रपद आत्मिक संपदा अर्जित करने के अमूल्य महीने हैं तथा यही हंस से परमहंस बनने की आध्यात्मिक यात्रा का श्रेष्ठ समय है। उन्होंने बताया कि पूरे चातुर्मास के दौरान प्रत्येक मंगलवार श्री घंटाकर्ण स्तोत्र जाप का विशेष आयोजन किया जाएगा। आयोजित आयंबिल दिवस में 108 से अधिक श्रद्धालुओं ने आयंबिल तप की आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
Bप्रतिदिन विविध धार्मिक आयोजनB

संघ के मंत्री प्रकाश कटारिया ने बताया कि चातुर्मास अवधि में प्रतिदिन विविध धार्मिक, आध्यात्मिक, संस्कारवर्धक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी धर्मप्रेमियों से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर इस आध्यात्मिक महापर्व का लाभ लेने का आग्रह किया।

Updated on:
29 Jul 2026 06:00 am
Published on:
29 Jul 2026 06:00 am