
देश में एक राज्य ऐसा भी जहां एक साथ पांच अध्यक्षों की तलाश
जयपुर।
राजस्थान देश में एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है जहां न तो प्रदेश भाजपा के लिए अध्यक्ष मिल पा रहा है और न ही राजस्थान लोकसेवा आयोग के लिए अध्यक्ष। अब स्थिति ऐसी है कि सरकार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से लेकर आयोग और बोर्डो के लिए पांच अध्यक्षों की तलाश कर रही है लेनिक यह तलाश अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। अब स्थिति ऐसी है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नहीं होने से जहां पार्टी के कामकाज ठप हैं वहीं आयोग और बोर्डों में भी कई महीनों से काम तक शुरू नहीं हो पाया है। अध्यक्षों की नियुक्ति का मामला इसलिए भी अटका हुआ है क्योंकि सरकार अध्यक्षों की नियुक्ति में वोटों का गणित देख रही है।
पार्टी के पास दो महीने से अध्यक्ष नहीं
प्रदेश भाजपा के पास दो महीने से अध्यक्ष नहीं है। शीर्ष नेतृत्व से कई स्तरों पर चर्चा और मंथन के बाद भी अध्यक्ष को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है। अब स्थिति ऐसी है कि चुनावी साल में अध्यक्ष नहीं होने से जहां प्रदेश भाजपा के कामकाज ठप हैं वहीं कहीं आयोग के कामकाज ठप है तो कहीं गठन की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हुई है।
लोकसेवा आयोग अध्यक्ष नहीं,चुनावी साल में भर्तियां ठप
प्रदेश भाजपा की तरह राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का पद भी रिक्त चल रहा है। यहां भी सरकार चुनावी गणित के हिसाब से अध्यक्ष की नियुक्ति करना चाहती है। लेकिन सरकार को चुनावी अध्यक्ष नहीं मिल रहा है और आयोग का कामकाज पूरी तरह से ठप है और भर्तियों का काम भी पूरी तरह से ठप है।
जल और सीवरेज बोर्ड के गठन को मंजूरी—अध्यक्ष नहीं
राजधानी में जल और सीवरेज बोर्ड के गठन को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। लेकिन इन दोनों ही बोर्ड केा अध्यक्ष का इंतजार है। मुख्यमंत्री के स्तर पर ही इन दोनों बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति होगी।
व्यापारी कल्याण बोर्ड—सीएम अध्यक्ष लेकिन उपाध्यक्ष और सदस्य नहीं बने
अध्यक्ष मुख्यमंत्री लेकिन उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं
मुख्यमंत्री ने अपनी बजट घोषणा में व्यापारी वर्ग को खुश करने के लिए व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दी थी। बोर्ड की अध्यक्ष तो खुद मुख्यमंत्री हैं लेकिन व्यापारी वर्ग से अभी तक न तो अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है और न ही सदस्यों की। ऐसे में व्यापारी वर्ग में निराशा का माहौल है।