जयपुर

Vice President Election: ये हैं वो राज्यपाल जिनसे कार्यभार लेने वाले बनते हैं राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति

यूं तो राजनीति (Politics) में कभी कुछ भी हो सकता है लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ है जोकि बहुत ही ऐतिहासिक है। बिहार (Bihar) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पूर्व राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी (Keshri Nath Tripathi) भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए गोल्डन टच (Golden Touch) यानी केसरिया तिलक साबित हुए हैं। इनसे राज्यपाल (Governer) पद का पदभार ग्रहण करने वाले एक 14वें राष्ट्रपति (President) बन चुके है और एक राज्यपाल 14वें उप राष्ट्रपति (Vice President) पद की दौड़ (Race) में अब शामिल हैं।
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Updated: 6 Aug 2022, 2:54 PM IST
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केसरी नाथ त्रिपाठी का गोल्डन टच

यूं तो राजनीति (Politics) में कभी कुछ भी हो सकता है लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ है जोकि बहुत ही ऐतिहासिक है। बिहार (Bihar) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पूर्व राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी (Keshri Nath Tripathi) भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए गोल्डन टच (Golden Touch) यानी केसरिया तिलक साबित हुए हैं। इनसे राज्यपाल (Governer) पद का पदभार ग्रहण करने वाले एक 14वें राष्ट्रपति (President) बन चुके है और एक राज्यपाल 14वें उप राष्ट्रपति (Vice President) पद की दौड़ (Race) में अब शामिल हैं।

बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल के मौजूदा राज्यपाल जगदीप धनखड़ की। 30 जुलाई 2019 को तत्कालीन राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद का पदभार लेने वाले जगदीप धनखड़ अब 14वें उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं। इससे पहले तत्कालीन राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार के राज्यपाल के रूप में कार्यभार लिया था और फिर कालंतर में वह भारत के 14वें राष्ट्रपति बन गए।


गौरतलब है कि पूर्व राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। इलाहाबाद से आने वाले त्रिपाठी उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष और मंत्री पद पर भी रहें हैं। 1977 में पहला चुनाव झूंसी विधानसभा से जीता और उसके बाद लगातार पांच बार इलाहाबाद दक्षिण से विधायक रहे। केसरीनाथ त्रिपाठी की पहचान इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम वकील, कवि और लेखक के रूप में भी है।

केसरी नाथ त्रिपाठी का जन्म 10 नवंबर 1934 को हुआ था। एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। जिन्होंने जुलाई 2014 से जुलाई 2019 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। उनके पास बिहारए मेघालय और मिजोरम के राज्यपाल के रूप में छोटे कार्यकाल के लिए अत्ति प्रभार भी था। वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे। वे तीन बार उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रहे।

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