विधानसभा में आज भी बजट सत्र जारी है। आज विधानसभा में अनुदान की मांगों पर विचार और मतदान होगा।
जयपुर। विधानसभा अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा की तबीयत खराब हो गई। सोमवार को सदन में संजय शर्मा अनुदान मांगों पर जवाब दे रहे थे, तब ही अचानक उन्हें चक्कर आने लगे। शर्मा की तबियत को देखते हुए जवाब को पढ़ा हुआ मान लिया गया। फिलहाल मंत्री संजय शर्मा की तबीयत अब ठीक है। बताया जा रहा है कि शुगर लेवल कम होने के चलते उन्हें परेशानी हुई थी। वहीं विधानसभा में आज भी बजट सत्र जारी है। आज विधानसभा में अनुदान की मांगों पर विचार और मतदान होगा। सहकारिता और खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात की मांगों को लेकर सदन में चर्चा होगी। जिसके बाद मांगें पारित होगी। सदन में आज विधायी कार्य होंगे। राजस्थान विनियोग संख्या दो विधेयक 2025 को प्रभारी मंत्री दिया कुमारी की ओर से सदन के पटल पर रखा जाएगा।
स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष के बीच बहस..
विधानसभा में अनुदान मांगों पर कल बहस के दौरान मंत्रियों के जवाब से ठीक पहले सदन में माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को बहस का जवाब देने के लिए बोलने को कहा। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तर्क दिया कि तीन विधायक बोलने से रह गए हैं। दो-दो मिनट बोल लेंगे तो क्या हो जाएगा, मंत्री का जवाब बाद में हो जाएगा। स्पीकर इस बात पर नाराज हो गए और कागज फेंकते हुए कहा कि फिर आप ही चला लो रात 12 बजे तक विधानसभा, मैं तो चला।
रात में बिगड़ी थी तबीयत…
विधानसभा में वन और पर्यावरण की अनुदान मांगों पर सोमवार को दिन भर चली बहस के बाद रात में वन मंत्री संजय शर्मा जवाब देने के लिए खड़े हुए। संजय शर्मा ने अपना जवाब देना शुरू किया। लेकिन कुछ देर बाद शर्मा की तबीयत बिगड़ गई। पहले गला सूखने की वजह से पानी मांगा, तब तक वे बैठे रहे। पानी पीने के बाद एक घोषणा करके फिर उन्होंने स्पीकर से कहा कि तबीयत सही नहीं है। मैं आगे का जवाब टेबल कर देता हूं. इसके बाद संजय शर्मा आगे की घोषणाएं किए बिना बैठ गए। इसके बाद संजय शर्मा को विधानसभा में स्थित चिकित्सालय में दिखाया गया।