
भरतपुर की सेवर जेल से एक बंदी ने जयपुर और भरतपुर के दो आभूषण व्यापारियों को मोबाइल कर एक-एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। आरोपी ने व्यापारियों को धमकाया कि वह लॉरेंस गैंग से है और अभी भरतपुर जेल में बंद है। रुपए नहीं दिए तो गोगामेड़ी जैसा हाल कर देंगे। व्यापारियों से मिली सूचना पर जयपुर-भरतपुर पुलिस ने मोबाइल नंबर की तस्दीक कर लोकेशन की जानकारी जुटाई। मोबाइल सेवर जेल से संचालित होना मिला।
मामला 19 दिसम्बर को दर्ज कर लिया गया, लेकिन गैंगस्टर्स जुड़ा होने के कारण गोपनीय रखा गया। भरतपुर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाना व जयपुर पुलिस ने विद्याधर नगर थाने में व्यापारियों को धमकी देने के अलग-अलग दो प्रकरण दर्ज किए। एसपी कच्छावा ने बताया कि मूलत: उत्तर-प्रदेश के मथुरा हाल भरतपुर के उद्योगनगर निवासी देवराज उर्फ देवेन्द्र जाट (43) को सेवर जेल से प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर जेल से मोबाइल बरामद कर लिया है। उन्होंने कहा कि आरोपी के पास जेल में मोबाइल किसने पहुंचाया, इस संबंध में जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ 30 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। डकैती की साजिश रचने के मामले में आरोपी जेल में बंद है।
अन्य लोगों को भी किया था फोन
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अन्य लोगों को भी फोन किए, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन विज्ञापन में व्यापारियों के नंबर देखे थे। नंबरों को दीवार पर लिख लिया था। पुलिस तस्दीक में सामने आया कि आरोपी लॉरेंस बिश्नोई के साथ जेल में रह चुका है और भरतपुर की ही दो गैंग से जुड़ा हुआ है। एडिशनल डीसीपी रामसिंह ने बताया कि भरतपुर पुलिस की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया जाएगा।
जेल नहीं बदली तो किया फोन
पुलिस ने बताया कि आरोपी देवराज का सेवर जेल में बंद दूसरी गैंग के गुर्गों से झगड़ा हो गया था। धमकी मिलने पर आरोपी जेल बदलना चाहता था। जेल नहीं बदली तो उसने व्यापारियों को फोन कर धमकी दी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी जेल में कब से मोबाइल फोन उपयोग में ले रहा था।