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Chomu SDM Ashish Sharma: ‘तो सीधे जेल में डाल दूंगा’, जानिए कौन हैं Viral Video वाले चौमूं एसडीएम आशीष शर्मा?

Jaipur के चौमूं में SDM आशीष शर्मा का एक भावुक वीडियो वायरल हुआ है। शिविर में रोती हुई बुजुर्ग मां की शिकायत पर उन्होंने प्रताड़ित करने वाले बेटे को कड़ी चेतावनी देते हुए जेल भेजने की बात कही।
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Chomu SDM Ashish Sharma Viral Video Action Against Son Over Mother Abuse

Chomu SDM Ashish Sharma Viral Video -PIC

राजधानी जयपुर के ग्रामीण इलाके चौमूं का एक वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा है। ये वीडियो एक सरकारी प्रशासनिक शिविर के दौरान का है, जिसमें एक बेबस मां अपनी फ़रियाद लेकर पहुंची थी। उसकी आपबीती सुनकर वहां मौजूद आम जनता सहित प्रशासनिक अमले के तमाम अधिकारी पूरी तरह से स्तब्ध रह गए। बुजुर्ग महिला ने उसके साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार को लेकर अपने ही सगे बेटे की शिकायत की और बताया कि उन्हें पिछले 2 दिनों से घर पर भूखा रखा गया। ये सुनते ही तो वहां ड्यूटी पर मौजूद चौमूं के उपखंड अधिकारी यानी एसडीएम (SDM) आशीष शर्मा का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने पीड़ित मां के बेटे को सबके सामने सरेआम फटकार लगाई और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अब किसी ने भी अपने बुजुर्ग माता-पिता को परेशान किया या उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई, तो उसे तुरंत उठाकर सीधे जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा।

पीड़ित मां की दर्दभरी दास्तान, स्तब्ध रह गए लोग

चौमूं क्षेत्र में आयोजित इस विशेष प्रशासनिक शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करना था। इसी दौरान एक वृद्ध महिला रोती-बिलखती हुई अधिकारियों की टेबल के पास पहुंची। महिला ने रोते हुए शिविर में उपस्थित अधिकारियों को बताया कि उसके बेटे और परिवार के सदस्यों द्वारा उसे मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।

सबसे ज्यादा अमानवीय स्थिति तब सामने आई जब महिला ने बताया कि उसे पिछले 48 घंटों से एक-एक दाने के लिए तरसाया गया और भूखा रखा गया। इस अमानवीय और क्रूर व्यवहार की बात सुनते ही वहां मौजूद पूरी भीड़ सन्न रह गई।

ये वीडियो हो रहा वायरल 

'क्या तुम्हें भगवान का जरा भी डर नहीं है?'

बुजुर्ग मां के आंसुओं और उसकी बेबसी को देखकर एसडीएम आशीष शर्मा खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने तुरंत आरोपी बेटे को तलब किया। उन्होंने सबके सामने बेटे को फटकार लगाते हुए बेहद तीखे लहजे में पूछा कि 'क्या तुम्हें भगवान का जरा भी डर नहीं है जो अपनी ही जन्म देने वाली मां के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हो?'

एसडीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि कोई भी संतान अपने माता-पिता के साथ इस तरह का अमानवीय बर्ताव बर्दाश्त के बाहर है। उन्होंने सख्त लहजे में संदेश दिया कि माता-पिता की सेवा करना हर संतान का कानूनी और नैतिक कर्तव्य है।'

'... जेल में डाल दूंगा'

मात्र 10 मिनट में फाइल तैयार करने के दिए आदेश

मामले की संवेदनशीलता और बुजुर्ग महिला की गंभीर शारीरिक व मानसिक स्थिति को देखते हुए एसडीएम आशीष शर्मा ने बिना किसी प्रशासनिक देरी के महज 10 मिनट के भीतर पूरी कानूनी फाइल और केस तैयार करने के निर्देश मातहत कर्मचारियों को दिए।

उन्होंने मौके पर ही स्पष्ट आदेश जारी किया कि यह बुजुर्ग महिला पूरी तरह से स्वतंत्र है और अपनी इच्छा के अनुसार गरिमा से जीने का अधिकार रखती है, उसे प्रताड़ित करने या उसके अधिकारों का हनन करने का हक किसी को भी नहीं है।

जानकारी के मुताबिक एसडीएम आशीष ने मौके पर ही भरण-पोषण की फाइल तैयार करवाई और बेटे को हर महीने मां को ₹5,000 भरण-पोषण भत्ता देने का आदेश जारी किया। साथ ही चेताया कि यदि भविष्य में दोबारा ऐसी शिकायत मिली तो बिना किसी लीगल नोटिस के सीधी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

त्वरित कार्यशैली के लिए चर्चा में हैं आशीष शर्मा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के बाद से ही हर तरफ चौमूं एसडीएम आशीष शर्मा की त्वरित कार्रवाई और उनके इस संवेदनशील व मानवीय दृष्टिकोण की जमकर तारीफ हो रही है। लोग प्रशासनिक अधिकारियों के इस रूप को देखकर बेहद प्रभावित हैं, जहां कानून के डंडे के साथ-साथ आम और कमजोर नागरिकों के प्रति गहरी सहानुभूति भी दिखाई दे रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि आशीष शर्मा अपनी इसी त्वरित न्याय करने की कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।

समाज-युवाओं के लिए संदेश

इस पूरे घटनाक्रम के बाद एसडीएम का यह कड़ा संदेश समाज के उन लोगों के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी और सबक है जो बुढ़ापे में अपने माता-पिता को बेसहारा छोड़ देते हैं या उन्हें प्रताड़ित करते हैं।

कानूनी जानकारों का भी मानना है कि 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम' के तहत बुजुर्गों को यह पूरा कानूनी अधिकार प्राप्त है कि वे अपनी सुरक्षा और भरण-पोषण के लिए सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के पास गुहार लगा सकते हैं।

चौमूं के इस वायरल वीडियो ने प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक नई और सकारात्मक मिसाल पेश की है।

कौन हैं एसडीएम आशीष शर्मा?

मूल निवास: वे मूल रूप से जयपुर के ही रहने वाले हैं।

सेवा संवर्ग: राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS)।

पिछली नियुक्तियां: चौमूं का कार्यभार संभालने से पहले वे शाहपुरा में सहायक कलेक्टर के पद पर तैनात थे। इसके अलावा वे लोक निर्माण विभाग में भूमि अवाप्ति अधिकारी रूरल सर्किल, सहायक बंदोबस्त अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं।

कार्यशैली: उन्हें जमीन से जुड़े विवादों के त्वरित निस्तारण, कड़क अनुशासन और आमजन, विशेषकर बुजुर्गों व महिलाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के लिए जाना जाता है।