
IAS Harphool Yadav and IAS Sushil Kumar
राजस्थान की प्रशासनिक मशीनरी और ब्यूरोक्रेसी के भीतर हाल ही में एक बेहद दिलचस्प, दुर्लभ और अनोखा संयोग सामने आया है, जो इन दिनों पूरे प्रदेश के गलियारों सहित सोशल मीडिया पर आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, वर्तमान में राजस्थान कैडर के दो ऐसे सीनियर आईएएस (IAS) अधिकारी मैदानी फील्ड पोस्टिंग में तैनात हैं, जो आपसी पारिवारिक रिश्ते में ससुर और दामाद हैं। रोचक बात यह है कि ये दोनों ही अधिकारी इस समय राजस्थान के दो अलग-अलग महत्वपूर्ण जिलों में जिला कलेक्टर के पद पर रहते हुए अपनी प्रशासनिक सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से एक हैं बूंदी जिले के नवनियुक्त कलक्टर हरफूल सिंह यादव और दूसरे हैं नवगठित बालोतरा जिले के कलक्टर सुशील कुमार, जो रिश्ते में हरफूल सिंह के दामाद हैं।
राज्य सरकार द्वारा हाल ही में किए गए प्रशासनिक बदलावों के बाद जब हरफूल सिंह को बूंदी जिले की कमान सौंपी गई, तो सचिवालय से लेकर जिलों तक इस खास पारिवारिक संयोग की बातें हर किसी की जुबान पर आ गईं, क्योंकि भारतीय प्रशासनिक सेवा में एक ही समय पर ससुर और दामाद का एक साथ जिला कलक्टर होना दुर्लभ है।
मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले 55 वर्षीय सीनियर आईएएस अधिकारी हरफूल सिंह यादव को राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर 25 अप्रैल को बूंदी जिले का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया है। हरफूल सिंह राजस्थान प्रशासनिक सेवा से प्रमोट होकर आईएएस बने हैं और उनके पास जमीनी स्तर पर काम करने का एक बहुत ही लंबा और व्यापक अनुभव है। जिला कलक्टर के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद क्षेत्र के विकास और जनसुनवाई को लेकर उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं तय कर दी हैं।
आईएएस हरफूल सिंह यादव के पूरे राजकीय करियर पर नजर डालें, तो प्रशासनिक सेवा के क्षेत्र में उनका सफर शानदार रहा है। बूंदी जिला कलक्टर के रूप में यह उनके पूरे सर्विस रिकॉर्ड की 27वीं पोस्टिंग है। इससे पहले वे राजस्थान के कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
वर्ष 2021 में हरफूल सिंह राजधानी जयपुर में जयपुर विकास प्राधिकरण के एडिशनल कमिश्नर जैसे जिम्मेदारी वाले पद पर भी अपनी कार्यकुशलता साबित कर चुके हैं।
इस रोचक संयोग के दूसरे अहम किरदार और हरफूल सिंह के दामाद आईएएस सुशील कुमार हैं। सुशील कुमार वर्ष 2017 बैच के राजस्थान कैडर के सीधे चयनित IAS अधिकारी हैं। वे मूल रूप से पड़ोसी राज्य हरियाणा के निवासी हैं। राज्य सरकार ने जब बाड़मेर से अलग करके नए जिले बालोतरा का गठन किया था, तब से लेकर सुशील कुमार वहां के जिला कलेक्टर के रूप में बेहद मुस्तैदी से काम कर रहे हैं और नए जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में जुटे हैं।
युवा आईएएस अधिकारी सुशील कुमार का प्रशासनिक ट्रैक रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। नए जिले बालोतरा के जिला कलक्टर के रूप में यह उनके करियर की कुल 9वीं पोस्टिंग है। बालोतरा की कमान संभालने से ठीक पहले सुशील कुमार अजमेर नगर निगम में कमिश्नर के पद पर तैनात थे, जहां उन्होंने शहरी विकास और सफाई व्यवस्था को लेकर कई सराहनीय प्रोजेक्ट्स पर काम किया था। वर्तमान में वे पिछले करीब ढाई साल से बालोतरा के विकास की मुख्य धुरी बने हुए हैं।
ससुर हरफूल सिंह यादव और दामाद सुशील कुमार के इस अनोखे तालमेल को लेकर राजस्थान के सोशल मीडिया ग्रुप्स में लोग इस बात की सराहना कर रहे हैं कि जहां एक तरफ ससुर अपने जीवन के लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ बूंदी जिले को आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनका दामाद युवा जोश और नई सोच के साथ बालोतरा जैसे नए जिले की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कर रहा है।
Updated on:
11 Jul 2026 11:53 am
Published on:
11 Jul 2026 11:53 am
