
रट्टीहल्ली (हावेरी). लगातार हो रही बारिश के बीच रट्टीहल्ली तालुक के मदग-मासूर जलप्रपात और झील को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। बारिश के मौसम में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बनता है। कई बार इसका नजारा विश्वप्रसिद्ध जोग जलप्रपात जैसा मनोहारी दिखाई देता है। लेकिन पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। जलप्रपात और झील तक पहुंचने वाली सडक़ कच्ची है और जगह-जगह कीचड़ तथा बड़े-बड़े गड्ढों से भरी है। बारिश के कारण यहां वाहन चलाना भी मुश्किल हो जाता है। इससे पर्यटकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। जलप्रपात देखने के स्थान पर सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त अवरोधक हैं और न ही चेतावनी संबंधी सूचना पट्टिकाएं। थोड़ी सी लापरवाही पर्यटकों के लिए गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
Bजून से दिसंबर तक आते हैं पर्यटकB
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश बडिगेरी ने कहा कि हर साल जून से दिसंबर के अंत तक कर्नाटक के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने और जलप्रपात व झील देखने आते हैं। इसके बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं और पर्यटकों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
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B49 लाख रुपए की विकास राशि मंजूरB
विधायक यू.बी. बणकार ने बताया कि ऐतिहासिक मदग-मासूर जलप्रपात के आसपास आवश्यक विकास कार्यों के लिए सरकार ने 49 लाख रुपए की अनुदान राशि मंजूर की है। जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।