
RAS Transfer: कार्मिक विभाग ने 183 आरएएस के किए तबादले (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। राजस्थान सरकार ने निकाय और पंचायत चुनावों से पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 183 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ओएसडी योगेश कुमार श्रीवास्तव समेत कई अहम अफसरों को नई पोस्टिंग दी गई है। आदेश के अनुसार सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। चुनाव से पहले लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात और गृह जिलों में पदस्थ अधिकारियों को भी बदला गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, तीन साल से एक ही जगह पर तैनात अधिकारियों और गृह जिले में पदस्थ अफसरों के तबादले किए गए हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। इस तबादला सूची में सबसे चर्चित नाम मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी के रूप में तैनात योगेश कुमार श्रीवास्तव का है। 2008 बैच के आरएएस अधिकारी योगेश कुमार श्रीवास्तव को गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड जयपुर का महाप्रबंधक बनाया गया है।
नई सूची में चर्चित आरएएस पिंकी मीणा को एक बार फिर नई तैनाती दी गई है। पिंकी मीणा का 2 महीने के भीतर यह दूसरा तबादला है। पिंकी मीणा की नई तैनाती दौसा में सहायक कलेक्टर मुख्यालय के पद पर की गई है। इसके पहले प्रशासनिक सुधार और समन्वय विभाग में सहायक निदेशक सवाई माधोपुर थीं।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद यह प्रशासनिक बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की आशंका वाले ऐसे अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए थे, जो तीन साल से एक ही स्थान पर तैनात हैं या अपने गृह जिले में पदस्थ हैं।
इसके अलावा महावीर खराड़ी, अशोक कुमार चतुर्थ, नरेश बुनकर, राजवीर सिंह चौधरी, अशोक कुमार शर्मा, आलोक जैन, आकाश रंजन, जगदीश प्रसाद गौड़, राजकुमार कस्वा और ओम प्रकाश सहारण समेत कई अन्य अफसरों के पदस्थापन बदले गए हैं।
तबादला सूची में विभिन्न जिलों, विभागों, विकास प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। कई एसडीएम, एडीएम और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नए अफसर तैनात किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
सूत्रों के अनुसार, आरएएस तबादलों के बाद जल्द ही आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची भी जारी होने वाली है। निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पहले प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। यह फेरबदल राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि इससे चुनाव प्रबंधन और अधिक प्रभावी होगा।
Updated on:
11 Aug 2026 04:13 pm
Published on:
11 Aug 2026 03:32 pm
