कोरोना (Corona) की वजह से स्कूल व कॉलेजों (Schools & Colleges) का शैक्षिक कैलेंडर (Academic calendar) पूरी तरह बेपटरी हो गया है। अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं (Half yearly examinations) का समय आ चुका है, लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग (education Department) कक्षा पांचवी व आठवीं बोर्ड परीक्षा का सिलेबस तय (Syllabus fix) करने में ही उलझा हुआ है।
सीकर। कोरोना (Corona) की वजह से स्कूल व कॉलेजों (Schools & Colleges) का शैक्षिक कैलेंडर (Academic calendar) पूरी तरह बेपटरी हो गया है। अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं (Half yearly examinations) का समय आ चुका है, लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग (education Department) सिलेबस तय (Syllabus fix) करने में ही उलझा हुआ है। विभाग ने कक्षा दसवीं व बारहवीं बोर्ड कक्षाओं के सिलेबस में तो कटौती कर दी, लेकिन अभी तक कक्षा पांचवी व आठवीं बोर्ड परीक्षा (Fifth and eighth board examination) का सिलेबस तय नहीं हुआ है। इस कारण विद्यार्थियों व शिक्षकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इधर, विभाग का दावा है कि इस साल विद्यार्थियों को प्रमोट नहीं किया जाएगा। इस साल कक्षा पाचंवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा में लगभग 30 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए सरकार ने 30 नवंबर तक स्कूल व कॉलेजों को विद्यार्थियों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है।
हालात : अभी आवेदन की भी तैयारी नहीं
प्रदेश में हर साल अमूमन अक्टूबर-नवंबर में इन परीक्षाओं के फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस बार अभी तक इन कक्षाओं के बोर्ड फार्म को लेकर भी विभाग की कोई तैयारी नहीं है। इधर, प्रारंभिक विभागीय परीक्षाएं बीकानेर के पंजीयक की ओर से पिछले दिनों शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया था, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया है। इस वजह से आवेदन प्रक्रिया का मामला उलझा हुआ है।
चिंता : जो पढ़ रहे हैं, सिलेबस में रहेगा या नहीं
बच्चों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इन दिनों वह घर पर रहकर जो पढ़ाई कर रहे हैं उनमें से कौनसे पाठ इस साल परीक्षा में शामिल रहेंगे और कौनसे नहीं? इसको लेकर बच्चों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कक्षा पांचवीं व आठवीं के विद्यार्थियों के अभिभावकों की ओर से लगातार स्कूल के शिक्षकों को कॉल किए जा रहे हैं।
हकीकत : न ऑनलाइन क्लास, ना मिल रहा मार्गदर्शन
सरकार ने पहले चरण में स्कूलों में मागदर्शन लेने के लिए कक्षा दसवीं व बारहवीं के विद्यार्थियों को अनुमति दी। पांचवीं व आठवीं कक्षा के विद्यार्थी स्कूलों में जाकर अभिभावकों की सहमति के बाद भी शिक्षकों से मार्गदर्शन नहीं ले सकते। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं का भी फायदा नहीं मिल रहा है।
निर्देशों का इंतजार
राज्य सरकार को इस संबंध में पत्र लिखा है। सरकार से निर्देश मिलते ही बच्चों के हित में परीक्षा फॉर्म भराने सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी।
पालाराम मेवता, पंजीयक, विभागीय परीक्षाएं, बीकानेर