सोशल एंटरपे्रन्योर को बढ़ावा देने के लिए और ऐसे एंटरप्रेन्योर्स को आपस में जुडऩे के लिए एक प्लेटफॉर्म देने के उद्देश्य से सर्व हैप्पीनेस फाउंडेशन की ओर से सेमीनार का आयोजन किया गया।
सोशल एंटरपे्रन्योर को बढ़ावा देने के लिए और ऐसे एंटरप्रेन्योर्स को आपस में जुडऩे के लिए एक प्लेटफॉर्म देने के उद्देश्य से सर्व हैप्पीनेस फाउंडेशन की ओर से मानसरोवर के हीरा पथ स्थित सरयू मार्ग पर सेमीनार का आयोजन किया गया। जिसमें मौजूद एनजीओ, सोशल एंटराप्रेन्योर और स्टार्टअप चलाने वाले लोगों ने अपने अपने विचार रखे। सर्व हैप्पीनेस फाउंडेशन के नितिन टेलर ने बताया कि संस्था का उद्देश्य सोसायटी में सकारात्मक बदलाव के सोशल एंटरप्रेन्योर्स को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना है जहां लोग एक-दूसरे से जुड़कर एक ग्रासरूट इकोसिस्टम बना सकें।
ताकि एक ही फील्ड में काम करने वाले सोशल एंटरप्रेन्योर्स और एजीओ आपस में जुड़कर काम कर सकें। इस दौरान सर्व नेचर के पंक ज गंगवानी, रोहित कुमावत, प्रवीण लता संस्थासे भारती और स्टार्टअप ओयसिस सहित अन्य स्टार्टअप और एनजीओ के लोग शामिल हुए। स्टार्टअप के लिए पैशन कमिटमेंट और क्लीयर विजन है जरूरी प्रवीण लता संस्थान से भारती ने कहा कि कोई स्टार्टअप हो, एनजीओ हो या सोशल एंटरप्रेन्योरशिप हो। सभी तभी सक्सेज हो सकती हैं जब किसी काम के लिए पैशन कमिटमेंट और क्लीयर विजन हो। वहीं नितिन टेलर ने कहा कि जरूरी नहीं कि कोई भी काम इतने बड़े लेवल पर हो कि सभी उसके नाम को पहचाने।
काम इतना हो कि इंसान उसे करके खुश रह सके। उसके काम का दायरा उसके लाइवलीहुड तक भी सीमित रह सकता है। वह जो भी करे उसमें खुश रहे। ग्राउंड लेवल पर आज भी कई लोग काम कर रहे हैं, जिन्हें ना तो कहीं से फंडिंग मिलती है और ना ही उनके लिए इक्यबेशन सेंटर्स जैसी सुविधाएं पहुंच में हैं। हमें ऐसे ही लोगों के लिए एक प्लेटफॉर्म देना है जहां उन्हें बिना किसी इंक्यूबेशन सेंटर के उनके काम को सही दिशा दी जा सके।
सर्व हैप्पी फाउंडेशन की लॉन्चिंग
सेमीनार के दौरान सर्व हैप्पी फाउंडेशन की लॉन्चिंग भी हुई। गुजरात में पिछले ५ साल से कार्य कर रही सर्व हैप्पी फाउंडेशन शहर में सर्व नेचर के साथ मिलकर काम करेगी। इस संस्था का मुख्य कार्य ऐसे एन्टरप्रेन्योर्स को मोटिवेट करना और उन्हें सलाह देना है जो अपनी लाइवली हुड के लिए कोई कार्य कर रहे हैं। इनमें एक किसान, सब्जी बेचने वाला या चाय बेचने वाला भी हो सकता है। उनको बताया जाता है कि वो किस तरह अपने काम को अलग तरीके से करके बढ़ा सकता है।