
बारां. नगर परिषद द्वारा मेलखेड़ी रोड पर सैकड़ों पौधे लगाए थे, लेकिन आधे पौधे सूख चुके हैं। सड़क किनारे बिना पत्तों के ये पौधे ठूंठ नजर आ रहे हैं। फोटो: हंसराज शर्मा
Rajasthan Plantation Audit Report: मरूधरा को हरा-भरा बनाने के लिए राजस्थान सरकार ने बजट खर्चने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 72 विभागों ने पौधे लगाए, लेकिन जब सत्यापन की बारी आई तो वो हरियाली नजर नहीं आई। राजस्थान में वर्ष 2025-26 के दौरान 72 विभागों ने 11.57 करोड़ पौधे लगाने और उनकी जियो टैगिंग का दावा किया है, लेकिन इनमें से केवल 1.69 करोड़ यानी करीब 14.6% पौधों का ही सत्यापन किया गया। सत्यापित पौधों में से 1.36 करोड़ पौधे जीवित पाए गए। सत्यापित पौधों का जीवित रहने का प्रतिशत 80.83 फीसदी रहा। यह जानकारी सोमवार को लोकसभा में सीकर सांसद अमरा राम के प्रश्न के लिखित जवाब में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह की ओर से पेश आंकड़ों में सामने आई।
शिक्षा विभाग ने 4.03 करोड़ पौधे लगाए, लेकिन 28.63 लाख यानी 7% का ही सत्यापन हुआ। वन विभाग ने 2.03 करोड़ पौधे लगाए, लेकिन 95.42 लाख पौधों का ही सत्यापन कराया। पौधारोपण और उसके वास्तविक सत्यापन के बीच भारी अंतर है। कई विभागों ने लाखों पौधे लगाने का दावा किया, लेकिन उसका बहुत कम हिस्सा ही जियो टैगिंग के जरिए सत्यापित हो सका। वर्ष 2025-26 के दौरान वन विभाग ने पौधारोपण और रखरखाव पर 127.78 करोड़ रुपए खर्च किए।
| विभाग | लगाए गए पौधे | सत्यापित |
| शिक्षा | 4.03 करोड़ | 28.63 लाख |
| वन विभाग | 2.03 करोड़ | 95.42 लाख |
| वीबी-जीरामजी | 1.90 करोड़ | 20.74 लाख |
| पंचायती राज | 59.34 लाख | 4.33 लाख |
| पीसीबी | 56.34 लाख | 64,838 |
| मृदा संरक्षण | 34.27 लाख | 35,420 |
| कृषि विभाग | 14.19 लाख | 1.18 लाख |
| पीडब्ल्यूडी | 13.38 लाख | 62,168 |
पौधारोपण के सत्यापन के मामले में राज्य के कई विभागों का प्रदर्शन बहुतद निराशाजनक रहा है। उद्योग विभाग ने जहां 1.66 लाख पौधे लगाने का दावा किया, वहीं उनमें से केवल 2,342 पौधों का ही सत्यापन हो सका। इसी तरह खेल एवं युवा मामले विभाग में 1.10 लाख पौधों के दावे के मुकाबले महज 361 पौधों का सत्यापन हुआ। पर्यटन विभाग की स्थिति भी कुछ अलग नहीं रही, जहां 14,394 पौधों में से सिर्फ 500 का सत्यापन दर्ज किया गया। तकनीकी शिक्षा विभाग में तो 17,019 पौधे लगाने के बावजूद केवल 30 पौधों का ही सत्यापन हो पाया। इसके अलावा, सामान्य प्रशासन विभाग में 5,977 पौधों में से 62 और वित्त विभाग में 5,308 पौधों में से महज 156 पौधों का ही सत्यापन दर्ज किया जा सका है, जो यह दर्शाता है कि कई विभागों में जियो टैगिंग और जमीनी जांच की प्रक्रिया बहुत ही धीमी रही।
Updated on:
28 Jul 2026 11:27 am
Published on:
28 Jul 2026 11:27 am
