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Udaipur: ‘गुजारा मुश्किल’, 16 साल के दिव्यांग पर आ गई 9 भाई-बहनों की जिम्मेदारी, माता-पिता रोजगार की तलाश में गए गुजरात

उदयपुर में 16 साल के दिव्यांग विकेश पर अपने 9 छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी आ गई है। माता-पिता रोजगार की तलाश में गुजरात चले गए हैं जिसके बाद बच्चों का पालन-पोषण मुश्किल हो गया है।
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उदयपुर

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Akshita Deora

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मनीष पंचाल

Jul 28, 2026

Udiapur News

भाई-बहनों की फोटो: पत्रिका

मनीष पंचाल

उदयपुर के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के काकरा डूंगरा तीन पट्टा में चलने-बाेलने में असमर्थ दिव्यांग विकेश पुत्र बंशीलाल अहारी 9 भाई-बहनों की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। विकेश के माता-पिता 9 बच्चों को छोड़कर रोजगार के लिए गुजरात चले गए हैं। इसके बाद से उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी इन पर आ चुकी हैं। बच्चों में एक साल से लगाकर 6 साल तक के भाई-बहन है। इनमें से किसी ने भी स्कूल में दाखिला नहीं लिया है। शिक्षा की कमी भी इनके विकास में बाधा बन रही हैं। अगर प्रशासन से संबल मिले तो इनकी स्थिति में कुछ हद तक सुधार आ सकता है। इनको पीएम आवास का लाभ तो मिला है, लेकिन इन 9 में से 6 का राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ पाया है।

ग्रामीण करते है मदद, आधार कार्ड तक नहीं बना

हालांकि आसपास के लोग इनकी मदद करते हैं लेकिन यह नाकाफी है। गुजारा मुश्किल है अगर प्रशासन पुख्ता इंतजाम करें तो इनको काफी संबल मिलेगा। 9 भाई-बहनों में से एक या दो का ही आधार कार्ड बना है इस वजह से राशन कार्ड में भी नाम नहीं जुड़ पाया है। हालात इतने खराब है कि 1 से 6 साल तक के बच्चों को अपना भोजन खुद पकाना पड़ रहा है। जबकि बड़ा भाई 16 साल का है लेकिन उसकी दिव्यांगता ज्यादा होने से इतना हाथ नहीं बंटा पाता।

सरकार के ग्राम विकास शिविर से इनकी दूरी

राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे ग्राम विकास शिविर भी इनकी पहुंच से दूर है। अधिकारियों की नजर अब तक यहां नहीं गई है। अगर इन शिविरों से इनको लाभ मिल जाए तो अच्छा परिवर्तन आ सकता है।

मक्का की खेती खुद की

घर के पास ही बने छोटे से खेत में बच्चों ने आस पास पड़ोसियों से मदद लेकर खेती की। वहीं कुदाली से बच्चे खुद ही जुताई कर रहे थे। ऐसे में छोटे बच्चों पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है।

एक बच्चा तो एक साल का भी नहीं

इन नौ भाई-बहनों में एक बच्चा तो दूध पीता हुआ है। जिसकी देखरेख करना भी मुश्किल सवाल है। ऐसे में एक दिव्यांग पर इतनी मुसीबत आन पड़ी है। दिव्यांग बोल तो नहीं सकता लेकिन उनके हाव भाव और आंखों में आंसू इन हालातों को खुद ब खुद बयां कर रहे थे।

जल्द ही इनको सरकारी लाभ दिलाया जाएगा। मौके पर जाकर स्थिति देखकर सरकार की विभिन्न योजनाओं में जोड़कर लाभ दिलाएंगे।
चंदूलाल मीणा, बीडीओ, नयागांव

अगर ऐसा कोई परिवार है तो जरूर सरकारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। जल्दी इसे दिखवाते है।
शिवन्या गुप्ता, एसडीएम, खेरवाड़ा