जयपुर

Patrika Book Fair: हिंदी गजल वही है जिसमें हिंदुस्तान की झलक नजर आए- लेखक गोपाल गर्ग

Patrika Book Fair 2025: जवाहर कला केंद्र में चल रहे पत्रिका बुक फेयर में आयोजित सत्र में ‘हिंदी गजल लेखन और इसके विविध पहलू’ विषय पर चर्चा की।

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Feb 21, 2025

जयपुर। ‘किसी गजल में केवल हिंदी के शब्द होने से वह हिंदी की गजल नहीं कहला सकती। हिंदी गजल वह है जिसमें हिंदुस्तान की झलक दिखती हो, जिसकी बातों मेें हमारे देश के इतिहास, कल्चर और परंपराओं का जिक्र हो।’ यह कहना है हिंदी गजल लेखक गोपाल गर्ग का। उन्होंने जवाहर कला केंद्र में चल रहे पत्रिका बुक फेयर के छठे दिन गुरुवार को आयोजित सत्र में ‘हिंदी गजल लेखन और इसके विविध पहलू’ विषय पर चर्चा की।

गर्ग ने कहा कि हिंदी गजल की दुनिया में गजलकार दुष्यंत कुमार का बड़ा योगदान है। उनकी हिंदी गजलों को साहित्य प्रेमियों ने काफी पसंद किया। इसके बाद से ही हिंदी गजल ने अपना एक मुकाम हासिल किया। उन्होंने बताया कि गजल किस तरह लिखी जाती है। इसमें काफिया, रदीफ, मतला, मक्ता और मिसरा क्या कहलाता है और किस तरह तैयार होता है।

गजल के नाम पर कुछ भी परोसा जा रहा

गर्ग ने कहा कि वर्तमान में हिंदी गजल के नाम पर कुछ भी परोसा जा रहा है। जबकि गजल लिखने का एक विधान है। प्रत्येक गजल इसके मुताबिक ही लिखी जानी चाहिए।

Updated on:
21 Feb 2025 08:02 am
Published on:
21 Feb 2025 07:59 am
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