जयपुर के बिंदायका सिरसी रोड पर टोरेंट सीएनजी गैस का ओवरस्पीड ट्रक पलटा। गैस लीकेज से गांव में दहशत, एसडीएम डॉ. खुशबू शर्मा और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर।
जयपुर के औद्योगिक क्षेत्र बिंदायका से एक बड़ी दुर्घटना और उसके बाद प्रशासनिक सतर्कता की राहत भरी खबर सामने आई है। सिरसी रोड पर स्थित निमेड़ा बस स्टैंड के पास टोरेंट सीएनजी (CNG) गैस सिलेंडरों से लदा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। ट्रक के पलटते ही उसमें लगे गैस सिलेंडरों से तेजी से सीएनजी का रिसाव होने लगा, जिससे आसपास के ग्रामीण रिहायशी इलाकों और निमेड़ा गांव के निवासियों में अचानक दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। गैस लीक होने की सूचना आग की तरह फैली, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस और फायर स्टेशन को इसकी जानकारी दी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बिंदायका प्रशासनिक तंत्र और आपातकालीन सेवाएं तुरंत हरकत में आईं और बिना कोई समय गंवाए मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी प्रकार की जनहानि या नागरिक के हताहत होने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, टोरेंट गैस कंपनी का यह सीएनजी ट्रक सिरसी रोड पर काफी तेज गति से दौड़ रहा था। निमेड़ा बस स्टैंड के पास पहुंचते ही मोड़ पर ड्राइवर वाहन पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा। ड्राइवर की इस गंभीर लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण भारी-भरकम गैस सिलेंडरों से लदा यह ट्रक बीच सड़क पर ही एक तरफ पलट गया।
ट्रक के पलटते ही एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई, जिसे सुनकर बस स्टैंड के पास खड़े लोग और दुकानदार सहम गए। दुर्घटना के तुरंत बाद ट्रक का चालक और खलासी स्थिति को देखते हुए मौके से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे। वाहन के पिछले हिस्से में भारी मात्रा में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के बड़े कमर्शियल सिलेंडर जड़े हुए थे, इसलिए दुर्घटना के प्रभाव से उनके सुरक्षा वॉल्व में तकनीकी खराबी आ गई और गैस का रिसाव खुले वातावरण में होने लगा।
जानकारी के अनुसार, बिंदायका और इसके आसपास के औद्योगिक व रिहायशी क्षेत्रों में गैस रिसाव या गैस परिवहन वाहनों से जुड़ी दुर्घटना का यह चौथा प्रकरण सामने आया है। बार-बार हो रही इन घटनाओं के कारण स्थानीय लोग गैस कंपनियों की सुरक्षा प्रणालियों और उनके चालकों की ट्रेनिंग पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
सिरसी रोड पर भारी और वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है और औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण खतरनाक व ज्वलनशील पदार्थों का परिवहन भी इस मार्ग से होता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि आबादी वाले क्षेत्र या बस स्टैंड के ठीक पास गैस का यह रिसाव किसी बड़ी चिंगारी के संपर्क में आ जाता, तो यह एक भयावह औद्योगिक दुर्घटना का रूप ले सकता था। इस बार-बार होने वाले प्रकरण के बाद अब स्थानीय लोग प्रशासन से इस रूट पर गैस वाहनों की गति सीमा तय करने की मांग कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता और रिहायशी इलाके में गैस फैलने के खतरे को देखते हुए प्रशासनिक अमला भी तुरंत ग्राउंड पर उतरा। उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) डॉ. खुशबू शर्मा और बिंदायका थानाधिकारी (CI) विनोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ निमेड़ा बस स्टैंड पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले सिरसी रोड के इस व्यस्त मार्ग पर दोनों तरफ से आने वाले यातायात को पूरी तरह से रोक दिया और ट्रैफिक को डायवर्ट किया ताकि कोई अन्य वाहन इस प्रभावित क्षेत्र के करीब न आ सके।
एसडीएम डॉ. खुशबू शर्मा ने स्वयं मौके पर खड़े रहकर राहत कार्यों का निरीक्षण किया और सिविल डिफेंस की आपदा प्रबंधन टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए निर्देशित किया। पुलिसकर्मियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से बस स्टैंड के पास की दुकानों को अस्थाई रूप से बंद करवाया और निमेड़ा गांव के लोगों से अपील की कि वे रिसाव शांत होने तक दुर्घटनास्थल के पास बीड़ी, सिगरेट या किसी भी प्रकार की खुली आग का उपयोग बिल्कुल न करें।
स्थानीय प्रशासन के निर्देश के बाद टोरेंट गैस कंपनी के आला तकनीकी अधिकारी और इंजीनियरों का दल भी विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ निमेड़ा पहुंच गया। कंपनी के विशेषज्ञों ने सिविल डिफेंस और फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मिलकर गैस सिलेंडरों के दबाव और उनके नोजल लॉक की स्थिति का गहन तकनीकी परीक्षण किया। जब यह सुनिश्चित हो गया कि रिसाव नियंत्रण में है और घर्षण से कोई खतरा नहीं है, तब ट्रक को सीधा करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रशासन ने दो बड़ी हाइड्रोलिक क्रेनों को मौके पर मंगाया। सिविल डिफेंस की कुशल रेस्क्यू टीम की कड़ी और सीधी निगरानी में अत्यंत सावधानी बरतते हुए गैस से भरे इस भारी-भरकम ट्रक को सुरक्षित तरीके से उठाकर सीधा करवाया गया। ट्रक के सीधे होते ही उसे सुरक्षा घेरे में लेकर बिंदायका औद्योगिक क्षेत्र स्थित कंपनी के मुख्य टर्मिनल की ओर रवाना कर दिया गया, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।