तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस की ओर से लगाई गई तीसरी आंख की नजर अब धुंधली पड़ गई है। स्पीड और रेड लाइट के लिए लगे 48 में से 44 कैमरे खराब हो चुके हैं। इसके चलते न तो चालान हो पा रहे हैं और न ही रेड लाइट क्रॉस करने वालों पर कार्रवाई हो पा रही है।
Jaipur News : तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस की ओर से लगाई गई तीसरी आंख की नजर अब धुंधली पड़ गई है। स्पीड और रेड लाइट के लिए लगे 48 में से 44 कैमरे खराब हो चुके हैं। इसके चलते न तो चालान हो पा रहे हैं और न ही रेड लाइट क्रॉस करने वालों पर कार्रवाई हो पा रही है। वैसे तो ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए 69 स्थानों पर 150 कैमरे लगे हुए हैं। इनमें भी 32 कैमरे खराब हैं। रख-रखाव नहीं होने से कैमरे खराब हो गए हैं।
सबूत के तौर पर काम आते हैं कैमरे
स्पीड कंट्रोल के लिए सरस पार्लर, पोद्दार कॉलेज, नेहरू गार्डन, पिंजरापोल गोशाला, कॉमर्स कॉलेज, वैशाली नगर और रेड लाइट पार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गवर्नमेंट हॉस्टल, पांचबत्ती, यादगार, न्यू गेट और सांगानेरी गेट सहित अन्य जगहों पर कैमरे लगे हुए हैं। घटना और दुर्घटना होने की स्थिति में इन कैमरों की मदद से सबूत जुटाए जाते हैं।
रफ्तार पर नहीं लग रही लगाम, रेड लाइट भी तोड़ रहे लोग
कैमरे खराब होने के कारण राजधानी में तेज गति से चलने वाले वाहनों पर लगाम नहीं लग पा रही है। वहीं, वाहन चालक रेड लाइट जंप करने से बाज नहीं आ रहे हैं। पहले इन कैमरों के जरिए तेज गति से वाहन चलाने वाले और रेड लाइट जंप करने वाले लोगों को ऑनलाइन चालान भेजे जाते थे।
इनका कहना है
कैमरों के रख रखाव का काम डीओआईटी और जेडीए का है। बंद पड़े कैमरों को सही करने का काम शुरू हो चुका है।
- लक्ष्मणदास स्वामी डीसीपी (ट्रैफिक)