
जयपुर. राजधानी में सड़कों पर वाहनों के भारी दबाव ने उनकी गति छीन ली है। व्यस्ततम समय में पांच मिनट की दूरी के लिए आधे घंटे से भी अधिक का समय लगना आम बात है। लोग अपने ऑफिस या गंतव्य तक पहुंचने के लिए आधा से एक घंटा तक पहले घर से निकल रहे हैं। जगह-जगह लाल बत्ती और जाम हालात को और विकट बना देते हैं। ऐसे हालात में शहर की सीमित सड़कों पर हर साल 13 से 15 फीसदी वाहनों की बढ़ोतरी हो रही है। बीते दिनों जेडीए ने शहर के मार्गों पर वाहनों की स्पीड को लेकर सर्वे कराया। सर्वे के आंकड़े चौंकाने वाले रहे।
इन रास्तों पर है बुरा हाल
शहर के मुख्य मार्ग टोंक रोड, जेएलएन मार्ग, एमआई रोड तथा स्टेशन रोड पर सबसे बुरे हाल मिले। इन रास्तों पर ही सबसे ज्यादा भीड़ रहती हैं, तो वाहनों की स्पीड बेहद कम निकली। जेडीए अधिकारियों की मानें तो सड़कों के हाल सुधारने के लिए कुछ और एलीवेटेड रोड भी आने वाले सालों में शहर में दिख सकती हैं।
त्योहारी सीजन में बढ़ जाती है परेशानी
त्योहारी सीजन में परकोटे में खरीदारी करना किसी इम्तिहान से कम नहीं है। यहां ऑफ सीजन में व्यस्ततम समय में वाहनों की स्पीड की बात करें तो जौहरी बाजार में 16 किमी, चांदपोल बाजार में 13.92, हवामहल रोड पर 22 और ब्रह्मपुरी रोड पर 15 किमी प्रति घंटा रहती है। वहीं त्योहारी सीजन में भीड़ बढऩे पर यह स्पीड घटकर आधी रह जाती है।
एक्सपर्ट व्यू: लेन सिस्टम हो
सेवानिवृत आरपीएस अनिल गोठवाल ने कहा कि यहां पर लेन सिस्टम नहीं है। कोई कहीं भी मुड़ जाता है। साथ ही मिक्स ट्रैफिक होने की वजह से दिक्कत हो रही है। गुड्स ट्रंासपोर्ट, साइकिल, रिक्शा और कार एक साथ चलते हैं। मुम्बई के मरीन ड्राइव में चार पहिया ही चलते हैं। दुपहिया नहीं चलते। सड़कों के दोनों ओर पार्किंग भी कम स्पीड के लिए जिम्मेदार है।