जयपुर

पूजा-पाठ और अंधविश्वास के नाम पर मारे जा रहे वन्यजीव, बढ़ रही है वन्यजीवों के अंगों की तस्करी

बेखौफ तस्कर व शिकारी
2 min read
Aug 19, 2019
Trafficking of wildlife animals organs is increasing
पूजा-पाठ और अंधविश्वास के नाम पर मारे जा रहे वन्यजीव, बढ़ रही है वन्यजीवों के अंगों की तस्करी

जयपुर।
राजधानी के आसपास क्षेत्र में वन्यजीवों पर खतरा मंडरा रहा है, जिसे रोकना वन विभाग के लिए चुनौती साबित हो रहा है। आए दिन बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए साफ जाहिर हैकि वन्यजीवों पर शिकारी व तस्कर पैनी नजर जमाए बैठे है। उन्हें ना तो कानून का खौफ है और ना ही दुर्लभ वन्यजीवों की घटती संख्या की चिंता। राजधानी में लगातार इसके उदाहरण देखने को मिल रहे है। पड़ताल में सामने आया कि इस तरह की घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण वन्यजीव अंगों की तस्करी होना पाया गया है। जिसके चलते इन बेजुबां को मौत के घाट उतारा जा रहा है। एक वर्ष में राजधानी में डेढ़ दर्जन से अधिक मामले ऐसे सामने आ चुके है। जिसमें एक दर्जन से अधिक आरोपी जेल भी भेजे जा चुके है। उसके बावजूद भी केस सामने आ रहे है।

इसके लिए विभाग को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।-


अंधविश्वास से मिल रहा बढ़ावा
वन विभाग के मुताबिक अंधविश्वास के नाम पर वन्यजीवों की अंगों की तस्करी बढ़ रही है। गत महीनों में विभाग ने त्रिपोलिया, चांदपोल, मानसरोवर, जमवारामगढ़, बड़ी चौपड़, रामगंज बाजार समेत कई क्षेत्रों में कार्रवाई की। जहां इनकी बिक्री पूजा-पाठ सामग्री की दुकान, ज्योतिष केंद्रों पर होती पाई गई है।


इन अंगों की तस्करी
पाटागोह का अंग, उल्लू के नाखून, हाथी दांत, शेर के बाल,नाखून व दांत, सियार की सिर की हड्डी, कछुआ, दोमुंही, समुद्री जीवों के अंग आदि।
बढ़ रहा ग्राफ
वाइल्ड लाइफ ब्यूरो मुताबिक देशभर से डेढ़ दर्जन तस्करी के बड़े मामले सामने आ रहे है। जिसमें कुछ नकली आइटम भी होते है। अमूमन छह-सात कार्रवाई होती है।


सामने आए केस-
नवंबर: मोतीडूंगरी में पूजा सामग्री दुकान से पूर्व पार्षद सहित तीन लोग पकड़े। वेबसाइट के जरिए ऐसा करते पकड़े गए।


दिसंबर: बासबदनपुरा में नेवले के बालों से बने बु्रश के साथ 3 लोग दबोचे गए।


अप्रेल: मानसरोवर में एक दोमुंही का सौदा तय करने आए एक महिला सहित छह लोगों को पकड़ा। एक गाड़ी भी जब्त की।

त्रिपोलिया बाजार में एक दुकानदार व एक ज्योतिष को वन्यजीवों के अंगो के साथ गिरफ्तार किया।

जून : सांगानेर से एक तस्कर के तेंदुए की खाल व जिंदा कछुआ-बरामद।
आमेर रेंज में एक नील गाय का शिकार किया।

Published on:
19 Aug 2019 01:57 pm