कानपुर के बाद अजमेर से भी ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश सामने आई है।
जयपुर। कानपुर के बाद अजमेर से भी ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश सामने आई है। अजमेर में सराधना और बांगड़ ग्राम रेलवे स्टेशन के बीच 2 स्थानों पर बदमाशों ने सीमेंट के 100 किलो वजनी ब्लॉक रख दिए। जिससे मालगाड़ी टकराई। निरीक्षण के दौरान आरपीएफ कर्मियों को एक बड़ा कंक्रीट ब्लॉक मिला, जिसका वजन करीब 100 किलोग्राम था, जिसे ट्रेन को पटरी से उतारने के प्रयास में ट्रैक पर रखा गया था। ट्रेन के इंजन ने ब्लॉक को कुचल दिया था, जिससे उसके टुकड़े घटनास्थल पर बिखर गए थे। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मामला फुलेरा से अहमदाबाद मार्ग पर रविवार रात का है। यह मालगाड़ी फुलेरा से अहमदाबाद जा रही थी।
इस तरह मालगाड़ी को डिरेल करने का था प्लान…
रिपोर्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन (डीएफसीसी) कर्मचारी रवि बुंदेला और विश्वजीत दास ने दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार 8 सितंबर की रात 10:36 बजे सूचना मिली कि ट्रैक पर सीमेंट का ब्लॉक रखा हुआ है। मौके पर पहुंचे तो पाया कि वह टूट कर गिरा हुआ है। एक किमी आगे एक और ब्लॉक टूट कर साइड में रखा हुआ था। ये दोनों ब्लॉक अलग-अलग जगह पर रखे हुए थे। इसके बाद डीएफसीसी और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने मिलकर सराधना से बांगड़ ग्राम स्टेशन तक पेट्रोलिंग की। इस दौरान स्थिति सामान्य पाई गई।
बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, तलाश जारी..
आरपीएफ ने इस संबंध में मांगलियावास पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है तथा अपराधियों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है।
पिछले महीने एक नहीं तीन बार हुई ट्रेन हादसे की साजिश
इससे पहले पाली जिले मे 23 अगस्त को राजस्थान में वंदे भारत ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश रची गई थी। अहमदाबाद-जोधपुर वंदे भारत ट्रेन सीमेंट के ब्लॉक से टकराकर रह गई थी। इसकी जांच करने के बाद पाली के सुमेरपुर थाने में केस दर्ज कराया गया था। इससे पहले भी पाली में इस तरह का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद 28 अगस्त को बांरा जिले में छबड़ा इलाके में पटरियों पर बाइक का चेचिस रखा गया था। वहां से मागगाड़ी गुजरी तो चेचिस उसमें फंस गया। बाद में लोको पायलट ने मालगाड़ी रोकी और पुलिस को सूचना दी। आरपीएफ, जीआरपी और लोकल पुलिस ने जांच की। अब करीब दस दिन बाद यह केस सामने आया है।