विभिन्न जिलों के आदिवासी अब सौर ऊर्जा से अपने गांव को जगमगाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की पहल पर प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को सौर उपकरण बनाने और उसकी मरम्मत करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जयपुर. विभिन्न जिलों के आदिवासी अब सौर ऊर्जा से अपने गांव को जगमगाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की पहल पर प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को सौर उपकरण बनाने और उसकी मरम्मत करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राजस्थान में इसके लिए सांगानेरी गेट स्थित अग्रवाल कॉलेज को प्रशिक्षण केंद्र की जिम्मेदारी मिली है। इस अभियान के तहत पहले चरण में जयसमंद क्षेत्र के 60 आदिवासी युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें से एक बैच ने प्रशिक्षण के बाद अपने सीखे हुए हुनर की प्रस्तुति दी।
आदिवासी गांव पाटला, कोवटाखुर्द, देवपुरा, नेवातलाई और सिंघटवाडा, के 19 युवा शामिल थे। इन्होनें अग्रवाल शिक्षा समिति के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, सचिव नरेश सिंघल, स्कूल सचिव कमल नानूवाला ,डॉ. नितिन कासलीवाल, प्रोजेक्ट हेड डॉ . मीनल बाफना, कोषाधिकारी मनीष मित्तल के सामने अपने प्रशिक्षण को प्रस्तुत किया। इन युवाओं ने यहां सौर ऊर्जा से जलने वाली टॉर्च, टेबल लैंप बनाए और साथ ही उनकी मरम्मत करना भी सीखा। सुरेश अग्रवाल ने बताया कि इन युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सोलर लाइट और उपकरण किट सौंपी हैं। जिससे से इन्हें सोलर लाइट विपणन के साथ रिपेयरिंग में भी रोजगार उपलब्ध हो सके। नरेश सिंघल ने कहा कि हम युवाओं को प्रशिक्षण के बाद भी रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहयोग करेंगे।