
जयपुर
राजस्थान पुलिस बेडे के एक लाख कार्मिकों को नया अफसर मिल गया है। राजस्थान पुलिस के 34वें डीजीपी एमएल लाठर अगले सप्ताह रिटायर हो रहे हैं और अब इस रिटायरमेंट से पहले राजस्थान सरकार ने नया डीजीपी चुन लिया है। इस बार कमान ब्राह्मण अफसर को दी गई है। नए डीजीपी हैं उमेश मिश्रा, जिन्हें दस सीनियर आईपीएस अफसरों में से चुना गया हैं वे अगले सप्ताह राजस्थान पुलिस बेड़े की कमान संभालेंगे।
सीएम के बेहद नजदीकी माने जाने वाले आईपीएस मिश्रा अभी डीजी इंटेलीजेंस हैं। गुरुवार को देर रात राज्य कार्मिक विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर मिश्रा की नियुक्ति की जानकारी दी। उमेश मिश्रा निवर्तमान डीपीजी एमएल लाठर का स्थान लेंगे, जो आगामी एक नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
1989 बैच के अफसर हैं मिश्रा
01 मईए 1964 को यूपी के कुशीनगर में जन्मे उमेश मिश्रा 1989 बैच के अधिकारी हैं। मिश्रा वर्तमान कांग्रेस सरकार के संकटमोचक रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री गहलोत की पहली पसंद भी है। मिश्रा की अधिकारियों में भी अच्छी पकड़ मानी जाती है। मिश्रा राजस्थान के चूरू, भरतपुर और पाली के जिला एसपी भी रह चुके हैं। उनकी गिनती तेज तर्रार व निडर आईपीएस के तौर पर होती है।
मिश्रा ने डीजी इंटेलिजेंस रहते हुए सेना में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले सैन्यकर्मियों का भंड़ाफोड़ किया था। उमेश मिश्रा को आईपीएस यू आर साहू और भूपेन्द्र दक की वरिष्ठता को लांघ यह नया पद मिला है। पिछले दो सालों में चले सियासी घटनाक्रम में मिश्रा की भूमिका काफी अहम रही। सचिन पायलट गुट की ओर से की गई बगावत के वक्त लाठर ने बॉर्डर की नाकेबंदी व मिश्रा की इंटेलिजेंस टीम ने सराहनीय कार्य किया था। इंटेलिजेंस के मामले में इनकी पकड़ और सूत्र बहुत ही पुख्ता माने जाते हैं।