
Jaipur Murder Case Update: जयपुर में गुर्जर की थड़ी स्थित न्यू आतिश मार्केट के सन्नी ट्रेड सेंटर की 7वीं मंजिल पर बने इक्का क्लब में रविवार देर रात हुई हत्या ने जयपुर के बढ़ते नाइट क्लब कल्चर, पुलिस निगरानी और क्लब संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात करीब तीन बजे चल रही पार्टी के दौरान प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे धौलपुर के बसेड़ी निवासी अन्नू गुर्जर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में सामने आया कि पार्टी में हत्या के आरोपी, बदमाश और भरतपुर ओपन जेल से फरार दो आजीवन सजायाफ्ता कैदी भी मौजूद थे।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि हत्या के मुख्य आरोपी अनुज गुर्जर सहित 8 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। रात को अनुज को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जबकि फरार आकाश उर्फ क्षेत्रपाल, हनी गुर्जर और गजेन्द्र गुर्जर की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। आरोपी अनुज गुर्जर पूर्व में भरतपुर में डॉक्टर दंपती की हत्या के मामले में जेल जा चुका था और फिलहाल जमानत पर बाहर था। उसके खिलाफ अन्य मामले भी चल रहे हैं।
जांच में सामने आया कि भरतपुर ओपन जेल से रविवार शाम फरार होकर कुलदीप और राजेश गुर्जर सीधे प्रताप नगर पहुंचे। प्रताप नगर में इन्होंने अपने साथियों को बुलाया, जहां पर अनुज गुर्जर भी अन्य साथियों के साथ पहुंच गया। कुलदीप का जन्मदिन होने पर अनुज गुर्जर सभी को देर रात क्लब में शराब पार्टी करने के लिए लेकर आ गया। अनुज के साथ एक युवती भी थी। पार्टी में युवती के साथ अभद्रता हुई तो विवाद हो गया। इसके बाद बीच बचाव के दौरान क्लब की रसोई से चाकू लेकर अन्नू के घोंप दिए।
वारदात ने यह भी उजागर किया कि शहर के बीचोंबीच सातवीं मंजिल पर देर रात तक पार्टी चलती रही लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और पार्टी में मौजूद लोगों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। मौके से तीन बाउंसर, दो अन्य लोगों को भी शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया तथा एक कार जब्त की गई है। क्लब के संचालकों और साझेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पहले कर्मा क्लब और अब इक्का क्लब में देर रात होने वाली गतिविधियों की निगरानी में आखिर चूक कहां हुई।
भरतपुर खुली जेल से कैदी फरार होकर जयपुर में शराब पार्टी करने आ गए। इस संबंध में कारागृह सेवर अधीक्षक परमजीत सिंह सिद्धू ने कहा कि रात को बंदी ओपन जेल की गिनती में थे लेकिन रात को ही यहां से निकल गए। यहां करीब 75 बंदी हैं। शाम को हाजिरी में ये शामिल थे। मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने जारी हत्या के संबंध में जारी प्रेसनोट में बताया कि भरतपुर ओपन जेल से कैदी फरार होकर अपने साथियों के साथ जयपुर आए थे।