जयपुर

लीड : कर्नाटक वन विभाग की गोलीबारी में 3 तमिलों की मौत पर तमिलनाडु विधानसभा में हंगामा

Aug 19, 2026
Rajasthan

चेन्नई. कर्नाटक वन विभाग द्वारा तीन तमिलों की कथित हत्या का मामला मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में जोर-शोर से गूंजा। विधानसभा सदस्यों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश करते हुए वन विभाग द्वारा की गई इस गोलीबारी की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। यह घटना 15 अगस्त की तड़के कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक स्थित कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में हुई थी। गोलीबारी में एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार नाम के तीन तमिल नागरिकों की मौत हो गई थी।उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की थी। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने कर्नाटक वन विभाग द्वारा दी गई सफाई को "अस्वीकार्य" बताते हुए एक उच्चस्तरीय समिति से निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

Bसीबीआइ जांच कराएं : ईपीएसB
इस मसले पर लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर अन्नाद्रमुक के सदन में नेता व पूर्व मुख्यमंत्री पलनीस्वामी ने पीड़ित परिवारों के आरोप का हवाला दिया कि वन विभाग ने चार लोगों पर गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन की मौत हो गई और चौथा व्यक्ति मैसूर के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन है। उन्होंने कर्नाटक सरकार के हिरण शिकार के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पीड़ित निर्दोष नागरिक थे। दो राज्यों की सीमा का मामला होने के कारण उन्होंने सीबीआइ जांच की मांग की और कर्नाटक सरकार द्वारा दिए जा रहे ₹5 लाख के मुआवजे को नाकाफी बताते हुए अतिरिक्त सहायता की मांग की।

Bफर्जी एनकाउंटर B
डीएमके विधानसभा सदस्य मनोज पांडियन ने इसे "फेक एनकाउंटर" और "गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन" करार दिया। उन्होंने कहा कि किसान निहत्थे थे और केवल अपने मवेशियों की तलाश कर रहे थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और न्यायिक जांच कराने की मांग की। कांग्रेस सदस्य थराहै कतबर्ट ने भी इस एनकाउंटर की कड़े शब्दों में निंदा की और मुआवजे को खारिज करते हुए सीबीआइ जांच तथा पीड़ितों के परिजनों को नौकरी और सहायता देने की मांग रखी।

Bसरकार उच्च स्तरीय जांच के लिए प्रतिबद्धB
ऊर्जा और कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने विधानसभा में जवाब देते हुए बताया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं और पीड़ित परिवारों को ₹5 लाख की अंतरिम राहत राशि देने की घोषणा की है। 17 अगस्त को पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया था। उन्होंने दोहराया कि तमिलनाडु सरकार इस घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के लिए प्रतिबद्ध है।

Updated on:
19 Aug 2026 12:01 pm
Published on:
19 Aug 2026 06:01 am