जयपुर

VIDEO: ‘मारवाड़’ प्रवेश से घबरा रहा CM राजे का गौरव रथ! जानें यात्रा से पहले क्यों आ रहा भाजपा को पसीना

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Aug 21, 2018
vasundhara raje rajasthan gaurav yatra

सुरेश व्यास, जयपुर।

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी क्या सूबे के मारवाड़ इलाके में पिछले विधानसभा चुनाव में मिली महाजीत का करिश्मा इस बार भी दोहरा पाएगी? इस सवाल का जवाब काफी कुछ आगामी 24 अगस्त से शुरू हो रही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के दौरान सामने आ सकता है। शायद यही कारण है कि जोधपुर संभाग के पांच जिलों से दो चरणों में निकलने वाली राजे की रथ यात्रा को सफल बनाने के लिए भाजपा ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। इधर कांग्रेस मारवाड़ की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए भाजपा को उसी के शब्दों से घेरने की कोशिश में जुटी हैं।

कांग्रेस का गढ़ रहा है मारवाड़
मारवाड़ कभी कांग्रेस का गढ़ रहा है। गढ़ भी ऐसा की आपातकाल के बाद हुए आम चुनाव में जब प्रदेश की 25 में से 24 सीटों पर गैर कांग्रेसी सांसद चुने गए, उस दौर में भी मारवाड़ के खांटी नेता स्व. नाथूराम मिर्धा कांग्रेस की सीट बचाने में कामयाब रहे थे। मारवाड़ की राजनीति परसराम मदेरणा, खेतसिंह राठौड़, रामसिंह विश्नोई, रामनिवास मिर्धा, माधोसिंह दीवान जैसे कई अजेय व दमदार कांग्रेसी नेताओं के इर्दगिर्द घूमती रही।

उसी मारवाड़ में भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का ऐसा सूपड़ा साफ किया कि जोधपुर सम्भाग की 33 में से 30 सीटें जीत कर अभेद्य माने जाने वाला कांग्रेस का सियासी किला ढहा दिया।इसमें यदि मारवाड़ का अहम हिस्सा माने जाने वाले नागौर जिले की 10 विधानसभा सीटों में से भाजपा को 9 में मिली जीत भी जोड़ दी जाए तो कांग्रेस की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

लेकिन पिछले पांच साल के दौरान मारवाड़ की उपेक्षा का आरोप झेलने वाली भाजपा के सामने पिछले चुनाव जैसा करिश्मा दिखा पाना मुश्किल नजर आ रहा है। सूबे के मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत मारवाड़ की उपेक्षा को लेकर सीएम राजे पर लगातार हमला बोलते रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा बाड़मेर में स्थापित होने वाली रिफाइनरी का रहा है। गहलोत लगातार श्रेय लेने के चक्कर में राजे पर रिफाइनरी के काम को अटकाने का आरोप लगाते रहे हैं। इसके अलावा क्षेत्र की विकास योजनाओं को लेकर भी राजे गहलोत व कांग्रेस के निशाने पर रही हैं।


जलवा बरकरार रखने की चुनौती
प्रदेश के अन्य इलाकों के मुकाबले सीएम राजे का 'पगफेरा' मारवाड़ में हालांकि कम ही रहा है, लेकिन चुनाव से कुछेक महीनों पहले मारवाड़ के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से गुजरने वाली गौरव यात्रा के बहाने राजे क्षेत्र में हुए विकास गिनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश में हैं।

गौरव यात्रा का दूसरा चरण वैसे तो भरतपुर संभाग से शुरू होना था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के कारण 18 अगस्त से भरतपुर की यात्रा रोकनी पड़ी। अब सीधे तीसरे चरण की यात्रा जोधपुर संभाग से की जा रही है।

यहां यात्रा की शुरुआत जैसलमेर जिले से होगी। लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन और पूजा अर्चना के साथ 24 और 25 अगस्त के बाद यात्रा को तीन दिन विराम दिया जाएगा और फिर 29 अगस्त से शुरू होकर यात्रा का तीसरा चरण 2 सितम्बर को पूरा हो जाएगा।

इसी दौरान राजे की कोशिश पांच साल की उपलब्धियों गिनाने की तो होगी ही, लेकिन हर पांच साल बाद सरकार बदलने की परम्परा बदलने के बहाने लोगों को लुभाना उनका खास फोकस हो सकता है। अब सवाल यह है कि क्या इसके बूते भाजपा का जलवा मारवाड़ में बरकरार रह पाएगा।


मंत्री-नेता सभी जुटे तैयारियों में
मारवाड़ की यात्रा भाजपा के लिए कितनी अहम है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग एक दर्जन प्रमुख नेता एक सप्ताह पहले ही यात्रा की तैयारियों में जुटे हुए हैं। मंत्रियों को अलग अलग जिलों का जिम्मा सौंपा गया है। भाजपा की कोशिश है कि यात्रा के दौरान ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाकर कांग्रेस को मनोवैज्ञानिक दबाव में लाया जाए, ताकि आज के हालात में माहौल पक्ष में बना हुआ नजर आए।

Updated on:
21 Aug 2018 12:36 pm
Published on:
21 Aug 2018 11:31 am