जयपुर

पार्किंग में निगम और ठेकेदारों का खेल: दोपहिया का बदल दिया ठिकाना, मनमर्जी का वसूल रहे शुल्क

शहर में निगम की तरफ से लोगों को राहत देने के लिए पार्किंग स्थल बनाए गए थे, लेकिन ठेकेदारों की मनमर्जी और निगम की अनदेखी के चलते ये वसूली के अड्डे बन गए हैं।

2 min read
Jul 22, 2021

अश्विनी भदौरिया/जयपुर। शहर में निगम की तरफ से लोगों को राहत देने के लिए पार्किंग स्थल बनाए गए थे, लेकिन ठेकेदारों की मनमर्जी और निगम की अनदेखी के चलते ये वसूली के अड्डे बन गए हैं। कुछ जगह तो ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए निगम ने नक्शे तक बदल दिए। वहीं, कई जगह निर्धारित शुल्क से डेढ़ गुना तक वसूली की जा रही है। परकोटा के बाजारों में चल रही पार्किंग को लेकर व्यापारियों ने विरोध भी दर्ज कराया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसको लेकर व्यापारियों का कहना है कि निगम ने व्यवस्था नहीं सुधारी तो विरोध स्वरूप बाजार बंद करेंगे।

दोपहिया के लिए खड़ी की मुसीबत
दरअसल, चौड़ा रास्ता और जौहरी बाजार में निगम की ओर से पार्किं ग का संचालन किया जाता है। जहां दोपहिया और चौपहिया वाहन खड़े करने का विकल्प है, लेकिन ठेकेदारों ने निगम कर्मचारियों से सांठगांठ कर दोपहिया वाहनों की पार्किंग को चौपहिया में बदलवा लिया। ऐसे में अब दोपहिया वाहन चालकों को दिक्कत रहती है। यही स्थिति जौहरी बाजार में भी है। इसके अलावा वहां तो चारपहिया वाहन चालकों से अवैध वसूली तक की जा रही है।

हर कार चालक से 10 रुपए अतिरिक्त
मालवीय नगर पुलिया के पास स्थित एक मॉल के पीछे बनी निगम की पाॢकंग में मनमानी का खेल चल रहा है। यहां निगम ने चारपहिया वाहन खड़ा करने का शुल्क 20 रुपए तय कर रखा है, लेकिन 30 रुपए प्रति घंटा वसूल किए जा रहे हैं। इसके लिए बाकायदा पर्ची पर 30 रुपए लिख रहे हैं।-एक अनुमान के मुताबिक यहां प्रतिदिन 700 से 800 गाडिय़ां आती हैं। हर गाड़ी से 10 रुपए अतिरिक्त वसूल किए जाते हैं। तीन घंटे से ज्यादा होने पर 50 रुपए तक वाहन चालकों से लिए जाते हैं।

यहां भी खुली छूट-शालीमार बाग स्थित संगम टॉवर पर पार्किंग का ठेका किसी ने नहीं लिया, लेकिन यहां पर भी लोगों से गाड़ी खड़ी करने के नाम पर पैसे वसूल किए जा रहे हैं।-मॉल 21 के पीछे भी सड़क पर वाहन खड़ा करने के नाम पर बेवजह पैसे वसूल किए जा रहे हैं।-इसी तरह भगवानदास मार्ग के पार्किंग क्षेत्र को चुपचाप बढ़ा लिया। ज्यादा क्षेत्र में गाड़ी खड़ी करवाई जा रही हैं।

लॉकडाउन से पहले जोन कार्यालय में उपायुक्त के साथ बैठक हुई थी, कोई हल नहीं निकाला। यहां ठेकेदार और निगम कर्मचारी मिलकर ठेका चला रहे हैं। दिन भर गाडिय़ां खड़ी रहती हैं। तीन घंटे के 50 रुपए की जगह 110 रुपए लेते हैं। कई बार पैसे वापस करवाए हैं। इनकी वजह से ग्राहकी भी प्रभावित होती है।
-कैलाश मित्तल, अध्यक्ष, जौहरी बाजार व्यापार मंडल

दोपहिया वाहनों की जगह चारपहिया वाहन खड़े करवाए जा रहे हैं। दोपहिया के लिए जगह कम होने से लोग परेशान रहते हैं। निगम में कोई सुनवाई नहीं हो रही। हाल ही में यातायात पुलिस से भी शिकायत की थी।
-विवेक भारद्वाज, महामंत्री, चौड़ा रास्ता

Published on:
22 Jul 2021 02:28 pm
Also Read
View All