जयपुर

Jaipur Nagar Nigam Election: जयपुर शहर के वो 6 चर्चित वार्ड, जिन पर टिकी सबकी निगाहें

Jaipur Municipal Corporation Election: जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए शुक्रवार को वोटिंग होगी। इन वार्डों में कुल 723 प्रत्याशी मैदान में है, जिनकी जीत-हार का फैसला 24.33 लाख से ज्यादा वोटर्स करेंगे।
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Sep 10, 2026
Jaipur Nagar Nigam Election
जयपुर नगर निगम चुनाव। फोटो: एआई

जयपुर। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए शुक्रवार को वोटिंग होगी। इन वार्डों में कुल 723 प्रत्याशी मैदान में है, जिनकी जीत-हार का फैसला 24.33 लाख से ज्यादा वोटर्स करेंगे। वोटिंग से ठीक पहले हम जयपुर के 6 ऐसे वार्डों के बारे में बता रहे हैं, जहां मुकाबला सिर्फ पार्षद चुनने तक सीमित नहीं रह गया है। यहां प्रत्याशियों के साथ नेताओं की प्रतिष्ठा, संगठन की पकड़, टिकट वितरण से उपजा असंतोष और भविष्य की मेयर की राजनीति भी दांव पर है।

पूर्व महापौर ज्योति खण्डेलवाल, पूर्व उप महापौर पुनीत कर्णावट, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजीव चौधरी सहित पूर्व शहर भाजपा अध्यक्ष सुनील कोठारी और शैलेंद्र भार्गव के वार्डों पर जयपुर शहर के लोगों की नजर है।

Jyoti Khandelwal, Sunita Methi

वार्ड 110 : मुकाबला सीधा, मगर बेहद कड़ा

भाजपाः ज्योति खंडेलवाल
कांग्रेसः सुनीता मेठी
अन्यः बीना मेठी, सोना जैन
मतदाता: 12,165

भाजपा ने पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल को उतारकर मुकाबले को बड़ा बना दिया है। उनके सामने कांग्रेस की सुनीता मेठी हैं। यहां से जीत या हार ज्योति की आगे की राजनीतिक भूमिका का भी संकेत होगी। वहीं कांग्रेस स्थानीय समीकरणों को मजबूत करने की कोशिश में है।
किसका असरः ज्योति का स्थानीय नेटवर्क है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी के पति भी पूर्व पार्षद हैं।

वार्ड 112 : भाजपा की साख, कांग्रेस की चुनौती

भाजपाः सुनील कोठारी
कांग्रेसः आशीष शर्मा
अन्यः मोहम्मद तौहीद, रमेश (आप)
मतदाता: 12,288

भाजपा ने पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और शहर अध्यक्ष रह चुके सुनील कोठारी को मैदान में उतारा है। उनके सामने कांग्रेस के आशीष शर्मा हैं, जबकि आप और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं।
किसका असरः आप और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलने वाले वोट निर्णायक हो सकते हैं। मुकाबले में तीसरे कोण के कुछ सौ वोट परिणाम बदल सकते हैं।

वार्ड 76: टिकट विवाद से निकली लड़ाई

भाजपाः पुनीत कर्णावट
कांग्रेसः प्रदीप जैन
अन्यः प्रभुदयाल
मतदाता: 13,729

वार्ड 76 का चुनाव भाजपा के भीतर टिकट को लेकर हुए विवाद के कारण खास बन गया। पार्टी की सूची में निवर्तमान उप महापौर पुनीत कर्णावट का नाम था, लेकिन विधायक कालीचरण सराफ द्वारा कुलदीप मिश्रा को सिंबल दिए जाने से विवाद खड़ा हुआ। बाद में सराफ ने इसे गफलत बताते हुए सफाई दी। यहां से कांग्रेस ने राजस्थान जैन युवा महासभा के अध्यक्ष प्रदीप जैन को टिकट देकर चौंकाया है। इसे सामाजिक वोटों की काट के तौर पर फेंके गए दाव के तौर पर देखा जा रहा है।
किसका असर: पुनीत का व्यक्तिगत जनसंपर्क और निवर्तमान उप महापौर की पहचान उनकी ताकत है। लेकिन टिकट विवाद से नाराज कार्यकर्ता मलदान के दिन कितना सक्रिय रहते हैं, यही सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है।

वार्ड 135: पांच चेहरे, हर वोट महत्त्वपूर्ण

भाजपाः विमल अग्रवाल
कांग्रेसः रविकुमार शर्मा
अन्य: अमित कुमार शर्मा (आप), चिमनलाल सैनी, अख्तर हुसैन
मतदाता: 17,823

भाजपा के विमल अग्रवाल के सामने कांग्रेस के रवि कुमार शर्मा, आप के अमित कुमार शर्मा तथा दो निर्दलीय उम्मीदवार हैं। कुल छह प्रत्याशी मैदान में हैं। विमल अग्रवाल को दोबारा टिकट मिलने को लेकर भाजपा के भीतर विवाद की चर्चा भी सामने आई है। यही कारण है कि इस वार्ड में भाजपा का अधिकृत संगठन और व्यक्तिगत प्रत्याशी की पकड़ दोनों की परीक्षा है।
किसका असर: यहां किसी एक प्रत्याशी का 30-35% वोट शेयर भी परिणाम तय कर सकता है। आप और निर्दलीय जितना वोट काटेंगे, भाजपा-कांग्रेस की जीत का अंतर उतना ही कम होगा।

वार्ड 43 : आमने-सामने की लड़ाई में संगठनात्मक परीक्षा


भाजपाः शैलेंद्र भार्गव
कांग्रेसः आशीष शर्मा
मतदाता: 13,624

भाजपा के शैलेंद्र भार्गव और कांग्रेस के आशीष शर्मा आमने-सामने हैं। यहां मुकाबले में तीसरा मजबूत कोण नहीं दिखता, इसलिए दोनों दलों का बूथ नेटवर्क और अंतिम 24 घंटे का मतदाता संपर्क निर्णायक रहेगा।
किसका असर: सीट भाजपा के लिए संगठन बनाम कांग्रेस के स्थानीय प्रत्याशी की लड़ाई है।

वार्ड 53 : नेता प्रतिपक्ष की प्रतिष्ठा का सीधा मुकाबला


भाजपाः सतीश कुमार शर्मा
कांग्रेसः राजीव चौधरी
मतदाता: 14,169

कांग्रेस के निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष राजीव चौधरी और भाजपा के सतीश कुमार के बीच मुकाबला है। यहां दो ही प्रत्याशी मैदान में है। इसलिए मुकाबला भी सीधा ही है। इस वार्ड में में प्रताप नगर के हाउसिंग बोर्ड सेक्टर, जेडीए-सोसाइटी कॉलोनियां और आसपास की ढाणियां शामिल हैं।