राजस्थान पूरे देश में ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससी) (Village Water and Sanitation Committees) के गठन में अग्रणी प्रदेशों में शामिल है। राजस्थान ने वीडब्ल्यूएससी में 97 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है। यह जानकारी राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) के मिशन निदेशक भरत लाल ने गुरुवार को सचिवालय में 'प्लानिंग एंड इम्प्लीमेंटेशन ऑफ जल जीवन मिशन इन राजस्थान' पर आयोजित एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस में दी।
ग्राम जल व स्वच्छता समितियों के गठन में प्रदेश अग्रणी
— जल जीवन मिशन की प्लानिंग और इम्पलीमेंटेशन पर कॉन्फ्रेंस
— राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक भरत लाल हुए शामिल
जयपुर। राजस्थान पूरे देश में ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससी) (Village Water and Sanitation Committees) के गठन में अग्रणी प्रदेशों में शामिल है। राजस्थान ने वीडब्ल्यूएससी में 97 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है। यह जानकारी राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) के मिशन निदेशक भरत लाल ने गुरुवार को सचिवालय में 'प्लानिंग एंड इम्प्लीमेंटेशन ऑफ जल जीवन मिशन इन राजस्थान' पर आयोजित एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस में दी।
इस आयोजन में मिशन निदेशक ने स्थाई जल स्रोत विकसित करने, स्रोतों के संवर्द्धन तथा सोर्स को प्रमोट एवं प्रोटेक्ट करने के बारे में गांवों के स्तर पर सामूहिक सोच विकसित करने जैसे कार्यों की जरूरत जताई। उन्होंने कहा कि गांवों में लोगों की जरूरत के हिसाब से योजनाएं बने। सभी गांवों में 5 साल की अवधि के लिए बनने वाले 'विलेज एक्शन प्लान' जेजेएम की महत्वपूर्ण कड़ी है, हर गांव में सक्रियता से कार्य करने वाले 20-25 लोगों की टीम तैयार कर कार्यो को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन (जेजेएम) के माध्यम से गांवों में 'हर घर नल कनेक्शन' की मुहिम को साकार करने में अभियंताओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी अभियंता इस भावना से कार्य करे कि ‘मैं एक पब्लिक यूटिलिटी मैनेजर हूं और मुझे पूरी शिद्दत से अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए चुनौती और जवाबदेही की हर कसौटी पर खरा उतरना है।'
जल स्रोतों के रिचार्ज पर भी फोकस
जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधांश पंत ने कहा कि प्रदेश में जेजेएम के कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ जल स्रोतों के रिचार्ज पर भी पूरा ध्यान देने की जरूरत है।