स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत गणगौरी अस्पताल के विस्तार को लेकर बड़े दावे किए गए थे। हकीकत यह है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद मरीजों को अब तक सुविधाएं मिलना शुरू नहीं हुईं हैं। काम बंद है और पत्राचार चल रहा है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का दावा है कि काम इस माह के अंत तक पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन इसकी उम्मीद कम ही लग रही है।
जयपुर. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत गणगौरी अस्पताल के विस्तार को लेकर बड़े दावे किए गए थे। हकीकत यह है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद मरीजों को अब तक सुविधाएं मिलना शुरू नहीं हुईं हैं। काम बंद है और पत्राचार चल रहा है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का दावा है कि काम इस माह के अंत तक पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन इसकी उम्मीद कम ही लग रही है। दरअसल, गणगौरी अस्पताल के सुविधा विस्तार के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 58 करोड़ रुपए की बजट घोषणा की थी। योजना में जी-3 भवन का निर्माण, आधुनिक वार्ड, ओटी और अन्य चिकित्सा सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
ऐसे चल रहा पत्राचार
-अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने 29 जनवरी को निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। निर्माण बंद स्थिति में पाया गया है। स्मार्ट सिटी को पत्र लिखकर चिकित्सालय के विस्तार हेतु चल रहे निर्माण कार्य संबंध में कार्य प्रगति रिपोर्ट मांगी।
-जवाब में जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता ने पत्र में देरी की वजह बताते हुए लिखा कि चौगान स्टेडियम की ओर से आने वाले मार्ग पर भवन का मुख्य द्वार और आपातकालीन रास्ता खोलने से राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने रोका है। इसी कारण निर्माण प्रभावित हो रहा है।
पूर्व विधायक बोले: सरकार दूर कराए अड़चनें
पूर्व विधायक महेश जोशी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चिकित्सीय सुविधाओं को बढ़ाने के लिए बजट घोषणा की गई थी। काम शुरू भी हुआ, ऑक्सीजन प्लांट भी लगवाया गया। अब जो भी अड़चनें हैं, उन्हें मौजूदा सरकार को दूर करना चाहिए ताकि आमजन को इलाज का लाभ मिल सके।
विधायक की आपत्ति को क्लीन चिट
विधायक बालमुकुंदाचार्य ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और जांच कराने की मांग की। विधायक की आपत्ति के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग की टीम ने निरीक्षण कर जांच की। स्मार्ट सिटी अधिकारियों का दावा है कि टीम ने जांच की और गुणवत्ता सही पाई गई है।
गणगौरी अस्पताल विस्तार परियोजना
बजट घोषणा : 58 करोड़
व्यय की स्थिति : 44.61 करोड़
प्रस्तावित क्षमता : 280 बेड
भवन : जी+3
पहले डेडलाइन : सितंबर 2025
नई डेडलाइन : फरवरी 2026
अब तक 44.61 करोड़ रुपए खर्च
इस परियोजना पर अब तक 44.61 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। विधायक की आपत्ति की वजह से काम में देरी हुई। साथ ही रास्ते को लेकर भी सहमति नहीं बन पाई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा।
-नरेंद्र कुमार गुप्ता, एक्सईएन, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट