ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की ऐतिहासिक जीत में भारतीय टीम के युवा खिलाडिय़ों का अहम योगदान रहा है।
जयपुर. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की ऐतिहासिक जीत में भारतीय टीम के युवा खिलाडिय़ों का अहम योगदान रहा है। पिछले काफी समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे इन युवाओं को जैसे ही पदार्पण करने का मौका मिले, इन्होंने अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर दी। अब इन खिलाडिय़ों के सामने अगली बड़ी चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ 5 फरवरी से शुरू होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज है। इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन कर ये युवा फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने के लिए बेताब हैं...
शुभमन गिल: ओपनर
ए डिलेड टेस्ट में मिली शिकस्त के बाद टीम प्रबंधन ने पृथ्वी शॉ के स्थान पर दूसरे टेस्ट मैच में शुभमन गिल को मौका दिया। लंबे समय से घरेलू क्रिकेट और इंडिया- ए के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे गिल ने मौका मिलते ही भुनाया। उन्होंने पदार्पण टेस्ट की पहली ही पारी में गिल ने 45 रन ठोक दिए। खास पारी : चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में 328 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गिल ने 91 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी ने ही टीम इंडिया के लिए जीत की नींव रखी।
नटराजन: तेज गेंदबाज
भा रतीय टीम के साथ नेट गेंदबाज के रूप में गए नटराजन को चोटिल खिलाडिय़ों के स्थान पर चौथे टेस्ट में पदार्पण का मौका मिला। पहली पारी में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी, तब नटराजन ने जल्द दो विकेट लेकर टीम की वापसी कराई थी। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन : टेस्ट करियर की पहली पारी में ही नटराजन ने तीन विकेट चटकाए। दूसरी पारी में उन्हें भले ही विकेट नहीं मिला लेकिन उनकी गेंदबाजी कमाल की रही।
वाशिंगटन सुंदर: ऑलराउंडर
चोटिल जडेजा के स्थान पर सुंदर को चौथे टेस्ट के लिए अंतिम एकादश में जगह मिलीा। सुंदर ने जडेजा की कमी नहीं खलने दी और गेंद व बल्ले से कमाल किया। सवर्Ÿ ाष्े ठ पद्र शर्न : गाबा टस्े ट की पहली पारी में नटरा जन ने 62 रन की पारी खेली और टीम को मुिश्कल दौर से बाहर निकाला। उनकी पारी से भारत ने 336 रन बनाए। उन्होंने मैच में चार विके ट भी लिए।