
नरेश मीणा-अभिजीत दीपके। फाइल फोटो- पत्रिका
जयपुर। राजस्थान में एक थप्पड़ कांड से बवाल मच गया। राजधानी जयपुर में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान फाउंडर अभिजीत दिपके को भीड़ के बीच कुछ युवकों ने थप्पड़ जड़ दिया। दरअसल समर्थक अभिजीत को कंधों पर बैठाकर शहीद स्मारक की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ युवकों ने उनको थप्पड़ जड़ दिया। हालांकि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी प्रदेश में राजनेता और सरकारी अधिकारियों के नाम थप्पड़ कांड से जुड़ चुके हैं।
राजस्थान की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव (2024) के दौरान कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ जड़ दिया था। इस थप्पड़ कांड के बाद नरेश मीणा फरार हो गए थे। पुलिस ने नरेश मीणा को घटना के अगले दिन गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद समरावता और आसपास के क्षेत्रों में हिंसा भड़क उठी, जिसमें आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। थप्पड़ कांड के मुख्य आरोपी नरेश मीणा 240 दिन जेल में बिताने के बाद सोमवार 14 जुलाई 2025 को टोंक जेल से रिहा हुए थे। नरेश मीणा ने एसडीएम पर वोटिंग के दौरान धांधली करने का आरोप लगाया था।
बीते साल भीलवाड़ा में एसडीएम थप्पड़ कांड जमकर चर्चाओं में रहा। दरअसल प्रतापगढ़ एसडीएम छोटूलाल शर्मा अपनी कार में दीपिका व्यास के साथ भीलवाड़ा-अजमेर हाईवे स्थित जसवंतपुरा सीएनजी पंप पर पहुंचे थे। गैस टैंक का नोजल खोलने में देरी होने पर एसडीएम ने पंपकर्मी को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद पंपकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए एसडीएम से हाथापाई की थी। झगड़े का वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था। मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने आरएएस अधिकारी छोटू लाल शर्मा को निलंबित कर दिया था।
इसी साल अप्रेल महीने में श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी संग कथित रूप से मारपीट और थप्पड़ मारने का मामला सामने आया था। दरअसल बिहाणी कॉलेज परिसर स्थित विधायक सेवा केंद्र में पेयजल समस्या को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा चल रही थी। बैठक में राजस्थान शहरी अवसंरचना विकास परियोजना के एईएन जगन्नाथ बैरवा और ठेका कंपनी एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर शाहनवाज मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर माहौल गरमा गया और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि तैश में आकर अधिकारियों ने विधायक बिहाणी के साथ हाथापाई कर दी और उनके चेहरे पर थप्पड़ जड़ दिया। वहीं दूसरी तरफ बैरवा ने विधायक और समर्थकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया था।
पिछले साल बाड़मेर जिले के चौहटन डीएसपी जीवनलाल खत्री और उनके ड्राइवर हेड कॉन्स्टेबल रामूराम मेघवाल के बीच विवाद सुर्खियों में रहा था। चौहटन डीएसपी जीवनलाल खत्री अपने रीडर गोपीकिशन कटारिया और ड्राइवर रामूराम के साथ धनाऊ थाना क्षेत्र में जांच के लिए गए थे। रात को लौटते समय गाड़ी चलाने को लेकर बहस बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान डीएसपी ने हेड कॉन्स्टेबल रामूराम को थप्पड़ मार दिया। दरअसल यह मामला एक ऑडियो वायरल होने के बाद सामने आया था। हालांकि डीएसपी ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया था।
साल 1997 में तत्कालीन सिंचाई मंत्री देवी सिंह भाटी पर आईएएस अफसर पर मारपीट करने का आरोप लगा था। दरअसल सचिव रहते हुए आईएएस अधिकारी पीके देब ने भारती कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया था, जिसको लेकर तत्कालीन सिचाई मंत्री देवी सिंह भाटी से देब का विवाद हो गया था और भाटी पर आरोप है कि उन्होंने चैंबर में बुलाकर देब से मारपीट की। ऐसा भी कहा जाता है कि देवी सिंह भाटी ने पीके देब को थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद इस मामले की जांच सीआईडी को सौंपी गई थी।
वहीं दूसरी तरफ अभिजीत दिपके थप्पड़ कांड के बाद पुलिस ने शांति भंग के आरोप में पांच युवकों कानोता हीरावाला निवासी रोहित शर्मा, अजय शर्मा, बगरू कुचावास निवासी राकेश गुर्जर, सीकर कुलदीप सिंह शेखावत व जोधपुर निवासी निकेत को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद दिपके ने एक्स पर वीडियो जारी कर कहा था कि उनके ऊपर शारीरिक हमला किया गया, लेकिन उनकी पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
Updated on:
16 Jun 2026 04:10 pm
Published on:
16 Jun 2026 03:43 pm
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