
जैसलमेर. दुकान में ग्राहक आते-जाते रहे, कारोबारी सामान दिखाने में व्यस्त हो और इसी बीच कोई गल्ले से नकदी निकालकर निकल जाए—चोरी में लगने वाले कुछ सैकंड कारोबारी की दिनभर की कमाई पर भारी पड़ सकते हैं। जैसलमेर की कपड़े की दुकान में दिन-दहाड़े हुई चोरी ने बाजार के सामने सुरक्षा का सीधा सवाल उठा दिया है- दुकान में कैमरा तो है, लेकिन चोरी की कोशिश के वक्त चेतावनी देने वाला क्या है? सीसीटीवी फुटेज वारदात के बाद संदिग्ध की पहचान और पुलिस जांच में मदद कर सकती है, लेकिन सामान्य कैमरा अपने आप चोरी नहीं रोकता। दुकान में ग्राहक की आवाजाही के बीच हर गतिविधि पर लगातार नजर रखना भी आसान नहीं। ऐसे में सुरक्षा को केवल कैमरे तक सीमित रखने के बजाय गल्ले की स्थिति, प्रवेश द्वार, नकदी प्रबंधन और अलार्म जैसी व्यवस्थाओं के साथ देखना जरूरी है।
सीसीटीवी और अलार्म की भूमिका अलग-अलग है। कैमरा गतिविधियों का रिकॉर्ड रखता है, जबकि उपयुक्त सेंसर से जुड़ा अलार्म कुछ निर्धारित परिस्थितियों में तत्काल चेतावनी दे सकता है। दुकान की बनावट के अनुसार प्रवेश द्वार, शटर या अन्य संवेदनशील हिस्सों पर सेंसर आधारित व्यवस्था उपयोगी हो सकती है। हालांकि, अलार्म हर तरह की चोरी रोकने की गारंटी नहीं है। उसका चयन दुकान की जरूरत के मुताबिक होना चाहिए। यह भी तय होना चाहिए कि चेतावनी मिलने पर दुकानदार या जिम्मेदार व्यक्ति तक सूचना कैसे पहुंचेगी और जरूरत पडऩे पर पुलिस को कब सूचित किया जाएगा।
दुकान की सुरक्षा महंगे उपकरणों से ही तय नहीं होती। काउंटर ऐसी जगह हो, जहां कारोबारी की नजर बनी रहे और गल्ले तक अनावश्यक पहुंच आसान न हो। दिन भर की अतिरिक्त नकदी एक ही जगह जमा रखने के बजाय उसे समय-समय पर सुरक्षित स्थान पर रखना नुकसान का जोखिम कम कर सकता है। ग्राहकों की भीड़ के दौरान गल्ला खुला छोडऩे से बचना, कर्मचारियों को नकदी संभालने की स्पष्ट जिम्मेदारी देना और दुकान बंद करते समय शटर व ताले जांचना छोटी लेकिन उपयोगी सावधानियां हैं।
- प्रवेश द्वार और काउंटर की गतिविधियां कैमरे में स्पष्ट रिकॉर्ड हो रही हैं या नहीं।
- सेंसर सक्रिय हैं और चेतावनी सही तरीके से मिल रही है या नहीं।
- नकदी ऐसी जगह तो नहीं, जहां तक आसानी से पहुंचा जा सके।
- जरूरत से ज्यादा रकम लंबे समय तक गल्ले में तो नहीं रखी जा रही।
- संदिग्ध गतिविधि दिखने पर किसे सूचना देनी है, यह तय है या नहीं।
- जैसलमेर की घटना के बाद दुकानदारों के लिए जरूरी है कि वे अपनी मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करें। चोरी के बाद फुटेज तलाशना जांच का हिस्सा है, लेकिन कारोबार की सुरक्षा का उद्देश्य नुकसान होने से पहले जोखिम पहचानना और संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते ध्यान देना भी है।
दुकानदार सीसीटीवी कैमरे तो अवश्य लगाएं लेकिन केवल इसके भरोसे ही न रहे। उन्हें हर समय चौकन्ना रहना चाहिए। कभी ऐसी घटना घटित हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। जिससे गुरुवार की भांति त्वरित ढंग से कार्रवाई की जा सके।
- अभिषेक शिवहरे, पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर