जैसलमेर

Jaisalmer: पोकरण : रेत पर हरियाली की नई पटकथा, 40 हजार पौधों से बदलाव की शुरुआत

रेगिस्तान को हरियाली की नई पहचान देने के लिए वन विभाग ने मानसून से पहले व्यापक पौधारोपण अभियान की तैयारी पूरी कर ली है। नर्सरी में तैयार किए गए 40 हजार पौधों का वितरण शुरू हो गया है, जिन्हें रियायती दर पर आमजन को उपलब्ध कराया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य पोकरण क्षेत्र के गांवों, ढाणियों और धोरों में हरित आवरण बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से मजबूत करना है।
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Jul 02, 2026
jaisalmer pokaran news photo
पोकरण. नर्सरी में तैयार किए गए पौधे। पत्रिका

पोकरण. दूर तक फैले रेगिस्तान को हरियाली में बदलने की इबारत लिखने की कवायद तेज होती जा रही है। वन विभाग की ओर से मानसून की दस्तक से पूर्व नर्सरी में 40 हजार पौधे तैयार किए गए है। जिनका वितरण भी शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि पश्चिमी राजस्थान के सरहदी जैसलमेर जिले का पोकरण क्षेत्र सुदूर गांवों व ढाणियों में फैला हुआ है। दूर तक रेगिस्तान के धोरे है। परमाणु नगरी पोकरण क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से वन विभाग की ओर से इस बार नर्सरी में विशेष तैयारियां कर पौधे तैयार किए गए है। कांटे व छायादार पौधों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर रियायती दर पर वितरित किया जा रहा है, ताकि आमजन पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सके और पूरा क्षेत्र नई इबारत लिख सके।

40 हजार पौधे किए तैयार, जलवायु पर भी फोकस

क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाने और लगातार बढ़ते तापमान पर लगाम लगाने को लेकर तैयारियां की गई है। वन विभाग की ओर से 7 हजार कांटेदार और 33 हजार छायादार पौधे तैयार किए गए है। इस बार पौधों के चयन में विशेष वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी अपनाया गया है। नर्सरी में ऐसी प्रजातियां तैयार की गई है, जो पोकरण की विषम भौगोलिक परिस्थितियों, भीषण गर्मी व कम पानी में भी पनप सके।

ये पौधे किए तैयार

वन विभाग की पोकरण नर्सरी में 7 हजार कांटेदार पौधे तैयार है। जिनमें देशी बैर के 3 हजार व देशी खेजड़ी के 4 हजार पौधे है। इसी प्रकार छायादार प्रजाति में बरगद के 500, चुरेल के 1 हजार, गुलमोहर के 2 हजार, गुंडी के 4 हजार, मीठा जाल के 2 हजार, करंज के 1 हजार, नीम के 10 हजार, नींबू के 500, पीपल के 500, रोहिड़ा के 3 हजार, सहजन के 1 हजार, शीशम के 5 हजार, सीरस के 500, गूगल के 500, तुलसी के 500, बोगन वेल के 300 व गुलाब के 200 पौधे शामिल है।

सरकारी विभागों के साथ आमजन को भी रियायत

पोकरण नर्सरी में पौधे वितरण के लिए रियायती दर निर्धारित की गई है। कांटेदार प्रजाति के पौधे 5 रुपए में उपलब्ध करवाए जा रहे है। छायादार एवं चौड़ी पत्ती वाले पौधों में 1 वर्ष तक के 2 फीट के पौधे 6 रुपए, 2 से 3 फीट के पौधे 10 रुपए, 2 वर्ष तक के 3 से 5 फीट के पौधे 15 रुपए, 5 से 8 फीट के पौधे 25 रुपए और 2 वर्ष तक के 8 से अधिक व 10 फीट तक के पौधे 50 रुपए एवं 10 फीट से अधिक ऊंचाई के पौधे 75 रुपए में उपलब्ध करवाए जा रहे है। यह दर आमजन के लिए है। जबकि सरकारी विभागों को 50 प्रतिशत छूट के साथ पौधे दिए जाएंगे।

अनावश्यक नहीं लें पौधे

नर्सरी में कड़ी मेहनत के साथ पौधे तैयार किए गए है। रियायती दर पर पौधे उपलब्ध करवा रहे है, ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके और आमजन भी प्रेरित हो सके। इसलिए जिनके पास पौधों के लिए पानी, सुरक्षा की व्यवस्था है और जितने पौधों का संधारण किया जा सकता है, उतने ही पौधे ले जावें। जिससे पौधों का सदुपयोग हो और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में गति मिल सके।

- दीपक दवे, क्षेत्रीय वन अधिकारी वन विभाग, पोकरण

Published on:
02 Jul 2026 08:33 pm