1 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Jaisalmer: किताबों के साथ सुरक्षा का पाठ, स्कूलों में सिखाए जाएंगे जीवनरक्षक गुर

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सिखाया जाएगा कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम बनाए रखते हुए सही निर्णय कैसे लें, सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचें और आवश्यकता पडऩे पर दूसरों की सहायता कैसे करें। वहीं, शिक्षकों को भी आपदा प्रबंधन और सुरक्षित निकासी की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे किसी संकट की घड़ी में बच्चों का प्रभावी नेतृत्व कर सकें।
2 min read
Google source verification
ai photo

ai photo

जैसलमेर. सरकारी स्कूलों में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक गुर भी सिखाए जाएंगे। स्कूलों में विशेष आपदा सुरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन होगा। जिसके तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों को आग, भूकंप, बाढ़, बिजली हादसे, सडक़ दुर्घटनाओं सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित बचाव और राहत कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सिखाया जाएगा कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम बनाए रखते हुए सही निर्णय कैसे लें, सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचें और आवश्यकता पडऩे पर दूसरों की सहायता कैसे करें। वहीं, शिक्षकों को भी आपदा प्रबंधन और सुरक्षित निकासी की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे किसी संकट की घड़ी में बच्चों का प्रभावी नेतृत्व कर सकें।

हर स्कूल में बनेगा सुरक्षित निकासी का रोडमैप

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्कूल में 'सेफ एग्जिट मैप' तैयार किया जाएगा। इस मानचित्र में आपात स्थिति के दौरान सुरक्षित निकास मार्ग स्पष्ट रूप से चिन्हित किए जाएंगे। साथ ही, स्कूल परिसर में निकटतम अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस स्टेशन और फायर ब्रिगेड के मोबाइल नंबर सूचना पट्ट पर प्रदर्शित किए जाएंगे, जो आवश्यकता पडऩे पर तत्काल काम आ सके।

चुनौतियों का सामना कर सकेंगे

प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करना है। प्रशिक्षण का संचालन आपदा राहत कोष, समग्र शिक्षा अभियान, गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के सहयोग से योजना अनुसार होगा। इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने सभी संयुक्त निदेशकों, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों तथा प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

प्रशिक्षण से होंगे ये बड़े फायदे

- विद्यार्थियों और शिक्षकों में आपदा से निपटने की व्यावहारिक क्षमता होगी विकसित।

- प्रत्येक स्कूल में सुरक्षित निकासी के लिए तैयार होगा सेफ एग्जिट मैप।

- अस्पताल, पुलिस और फायर ब्रिगेड जैसी आपात सेवाओं के संपर्क नंबर स्कूल में होंगे प्रदर्शित।

- स्कूल परिसर पहले से अधिक सुरक्षित और आपदा के प्रति जागरूक बनेंगे।

विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण

स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को इस तरह का प्रशिक्षण पाठ्य पुस्तकों के साथ व्यावहारिक रूप में भी दिया जाता है। पुलिस और अन्य विभाग भी इस कार्य में शिक्षा विभाग का सहयोग करते हैं। जिससे बच्चे आत्मरक्षा के गुर सीख सकें।

- महेश कुमार बिस्सा, जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, जैसलमेर