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Jaisalmer: श्रमदान से चांदसर नाड़ी संवारी, जल संरक्षण अभियान बना जनभागीदारी का उत्सव

राजस्थान पत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान से प्रेरित होकर लाठी क्षेत्र के केरालिया गांव में ग्रामीणों ने पारंपरिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन की मिसाल पेश की। चांदसर नाड़ी पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर पायतन से रेत निकालते हुए पाल को मजबूत बनाया। इस पहल से नाड़ी की जलधारण क्षमता बढ़ाने के साथ ही जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने का संदेश भी दिया गया।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 30 Jun 2026, 8:35 PM IST

Group carrying bowls of materials

तगारियों में भरी रेत, संकल्प के साथ उठे हाथ, बही श्रम की बूंदें

लाठी. फावड़े, तगारियां और जल संरक्षण का संकल्प... मंगलवार सुबह केरालिया गांव की चांदसर नाड़ी पर कुछ ऐसा ही प्रेरक और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। राजस्थान पत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान से प्रेरित होकर ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में श्रमदान के लिए एकत्र हुए। करीब दो घंटे तक चले सामूहिक श्रमदान में नाड़ी के पायतन से रेत निकालकर पाल पर डाली गई। सामूहिक प्रयास से पारंपरिक जलस्रोत का स्वरूप निखरा और गांव में जल संरक्षण को लेकर नई चेतना का संचार हुआ। गौरतलब है कि चांदसर नाडी कभी आसपास के घरों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत रही थी। लंबे समय तक नियमित संरक्षण नहीं होने से पायतन में बड़ी मात्रा में रेत जमा हो गई, जिससे जलधारण क्षमता लगातार घटती चली गई। अब ग्रामीणों की पहल और जनसहयोग से इस पारंपरिक जलस्रोत को फिर से जीवंत बनाने का अभियान गति पकड़ रहा है। श्रमदान के दौरान ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ रेत निकालकर पाल को मजबूत बनाया। इससे आगामी मानसून में वर्षाजल संग्रहण की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। भाजपा ओबीसी मोर्चा सांकड़ा मंडल के आइटी संयोजक पर्वतराम सुथार ने तगारी में रेत भरकर श्रमदान की शुरुआत की। कामधेनु सेना के केरालिया ग्राम प्रभारी रणवीरसिंह भाटी ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्रामीणों ने कंधे से कंधा मिलाकर श्रम करते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प दोहराया।

पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत

सामाजिक कार्यकर्ता शेरसिंह भाटी ने कहा कि अमृतम् जलम् और हरयाळो राजस्थान जैसे अभियान समाज को जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। समाजसेवी आईदानसिंह भाटी ने कहा कि राजस्थान पत्रिका सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है। ऐसे प्रयास लोगों को अपने जलस्रोतों और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में शाले मोहम्मद, जितेंद्र नायक, अनीस खां, जोगराज सुथार, अरशद खां, जाफर खां, जितेंद्र सिंह, पूनमसिंह, अलूदे खां सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। समापन अवसर पर राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए विक्रम दर्जी ने सहभागी नागरिकों का आभार जताया।