जैसलमेर

स्वर्णनगरी से हवाई सेवा सुविधा का और विस्तार,अब गुजरात के इस शहर से जुड़ा जैसाण

सूरत-जैसलमेर के बीच हवाई सेवा शुरू-पांचवें शहर से मिली सीधी कनेक्टिविटी
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Dec 01, 2018
jaisalmer
स्वर्णनगरी से हवाई सेवा सुविधा का और विस्तार,अब गुजरात के इस शहर से जुड़ा जैसाण

जैसलमेर.स्वर्णनगरी से हवाई सेवा सुविधा का और विस्तार हो गया तथा गुजरात का सूरत शहर सीधे तौर पर एयर कनेक्टिविटी से जुड़ गया। इससे पहले गुजरात का अहमदाबाद शहर जैसलमेर से हवाई सेवा के माध्यम से संबद्ध हो चुका है। जैसलमेर एयरपोर्ट के प्रभारी राजीव पुनेठा के अनुसार शुक्रवार को स्पाइसजेट के 78 सीटर विमान में 16 यात्री जैसलमेर आए और यहां से 10 यात्रियों ने सूरत के लिए उड़ान भरी। सूरत से सुबह 10 बजे विमान ने उड़ान भरी और 11.40 बजे यहां पहुंचा और 20 मिनट के अंतराल के बाद दोपहर 12 बजे सूरत के लिए उड़ा। गौरतलब है कि अब जैसलमेर से रविवार को छोडकऱ प्रतिदिन दिल्ली, मुम्बई, जयपुर, अहमदाबाद और सूरत के लिए हवाई सेवा सुलभ हो गई है। सूरत से जुड़ाव का पर्यटन सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

वादग्रस्त भूखण्ड पर भूमि पर ब्लास्टिंग नहीं करने के न्यायाल ने दिए आदेश
पोकरण. न्यायालय की ओर से कस्बा क्षेत्र में खनन कार्य को लेकर चल रहे एक प्रकरण में वादग्रस्त भूखण्ड पर भूमिगत ब्लास्टिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए है। गौरतलब है कि सीविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ खण्ड न्यायालय में गत दिनों गफारशाह, कासमखां वगैरह की ओर से कस्बे के मूल खसरा संख्या 2032/1201 के नवीन खसरा संख्या 12014/1201 की कृषि प्रयोजनार्थ भूमि पर बिना अनुमति व खनन विभाग की लीज प्राप्त किए खनन किया जा रहा है। इस भूमि को कहीं पर भी औद्योगिक प्रयोजनार्थ चिन्हित नहीं किया गया है। बावजूद इसके यहां क्रेशर मालिक दिनेश कुमार व्यास व कुछ लोगों की ओर से यहां पत्थर व कंकरीट खुदाई के लिए भूमिगत विस्फोट कर कंकरीट निकाली जा रही है, जिससे आसपास निवास कर रहे लोगों के घरों में दरारें आ रही है। उनकी ओर से आवंटित खसरों के अलावा भी आसपास क्षेत्र में अवैध रूप से बिना अनुमति के खनन कार्य किया जा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से वाद में बताया गया कि जिस स्थान पर भूमिगत ब्लास्टिंग की जा रही है, उसके आसपास क्षेत्र में करीब 125 परिवार निवास करते है। यहां क्रेशर से उडऩे वाली चिकनी मिट्टी व पाउडर से लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। न्यायालय की ओर से मामले की सुनवाई के बाद संबंधित खसरों के वादग्रस्त भूखण्ड पर किसी भी प्रकार की ब्लास्टिंग नहीं करने के निर्देश जारी करते हुए अप्रार्थीगणों को आगामी 19 दिसम्बर को जवाब देने के निर्देश दिए है।

Published on:
01 Dec 2018 07:55 pm