जैसलमेर

धमाकों के बीच जैसाण के बाशिंदों ने जताया भारत की शक्ति में विश्वास

सीमावर्ती जैसलमेर शहर में गुरुवार रात करीब 9.05 बजे जब पहले-पहल आकाश में दुश्मन देश की तरफ से ड्रोन हमले के धमाके सुने गए, तो लोगों में सनसनी फैल गई।

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May 09, 2025

सीमावर्ती जैसलमेर शहर में गुरुवार रात करीब 9.05 बजे जब पहले-पहल आकाश में दुश्मन देश की तरफ से ड्रोन हमले के धमाके सुने गए, तो लोगों में सनसनी फैल गई। रात 9 बजे से जैसलमेर में तडक़े 4 बजे तक ब्लैकआउट किया हुआ था। जैसे ही ब्लैकआउट के कुछ मिनट बाद आकाश में रोशनियों के नजारों के साथ धमाके गूंजने शुरू हुए तो हर कोई हतप्रभ रह गया। आसमान में यह गडगड़़ाहट रह-रह कर 20 मिनट तक होती रही और बाद में 9.52 बजे के आसपास फिर कुछ देर के लिए आकाश में धमाके गूंजे। इस दौरान लोग आपस में एक दूसरे को कॉल कर हाल-चाल लेते रहे। यहां तक कि प्रवासी जैसलमेरी या यहां रहने वाले लोग जो अब सूरत, कोलकाता, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, चेन्नई आदि में बसे हुए हैं, वे अपने जैसलमेर निवासी रिश्तेदारों-मित्रों से पाकिस्तान के हमले की खबरों को देखने-सुनने के बाद फोन पर कुशलक्षेम पूछने लगे।

देश के साथ, धीरज कायम

एयरफोर्स स्टेशन के पास जयनारायण व्यास कॉलोनी में निवास करने वाले पूर्व सभापति हरिवल्लभ कल्ला ने बताया कि धमाकों की आवाज बहुत जोर से सुनाई दी। जब एयरफोर्स स्टेशन की कुशलता की खबर मिली तो दिल को सुकून मिला। उन्हें भरोसा है कि हमारी सेनाएं हर स्थिति का सामना कर सकती है। सांवल कॉलोनी निवासी प्रशांत कुमार व हर्षिता ने कहा कि, उनके बाहरी शहरों में रह रहे रिश्तेदारों ने धमाकों के बाद उन्हें फोन कर कुशलता पूछी। उन्होंने कहा कि वे कुशलतापूर्वक हैं और प्रशासन के कहे अनुसार पूरी तरह से ब्लैकआउट की पालना कर रहे हैं। सरोज देवी ने कहा कि पहले थोड़ा डर लगा लेकिन जब पता चला कि भारत ने पाकिस्तान के हमले को नाकाम कर दिया है तो गर्व की अनुभूति हुई।

पोकरण में लाल रोशनी और धमाकों से मचा हड़कंप

भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालातों के बीच गुरुवार रात पोकरण कस्बे में अचानक आसमान में लाल रोशनी दिखने और तेज धमाकों की आवाज से हड़कंप मच गया। रात करीब 9:30 बजे लोगों ने आसमान में एक चमकदार लाल रोशनी देखी, जिसके कुछ ही क्षण बाद तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी। ब्लैकआउट के दौरान चारों ओर अंधेरा छा गया। कई लोग घबराकर घरों की छतों पर चढ़ गए तो कुछ सड़क की ओर भागे। जब तक कोई स्थिति स्पष्ट होती, सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े वीडियो वायरल होने लगे, जिससे अफवाहों का दौर भी शुरू हो गया। हालांकि, देर रात तक प्रशासन या सेना की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि यह घटना किस कारण से हुई। सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित नजर आए और कस्बे में भय का माहौल व्याप्त हो गया।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने पहले ऐसी कोई घटना नहीं देखी थी, जिससे डर और कौतूहल और भी बढ़ गया।10:28 PM

Published on:
09 May 2025 12:55 am
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