रामदेवरा कस्बे में सरकारी और निजी विद्यालय की ओर जाने वाली सडक़ के किनारे एक जर्जर भवन की छत के नीचे से रोजाना सैकड़ों बच्चे गुजरते है, जो हादसे को निमंत्रण दे रही है।
रामदेवरा कस्बे में सरकारी और निजी विद्यालय की ओर जाने वाली सडक़ के किनारे एक जर्जर भवन की छत के नीचे से रोजाना सैकड़ों बच्चे गुजरते है, जो हादसे को निमंत्रण दे रही है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रामदेवरा रेलवे स्टेशन की लिंक रोड पर स्थित जोधपुर सेवा समिति के भवन के गैलरी की दीवार टूटी हुई सडक़ के किनारे झूल रही हैं। उधर, भवन के पास से होकर गुजर रही सडक़ से क्षेत्र के सरकारी व निजी विद्यालय में पढऩे वाले बच्चे गुजरते हैं। कई बच्चों का इस टूटी हुई गैलरी की छत के नीचे से होकर गुजरना होता है। वर्तमान में बरसात के मौसम को देखते हुए जर्जर व झूल रह रही गैलरी की छत के कभी भी भरभरा कर गिरने की आशंका है।
बरसात के दौरान स्कूल की छुट्टी के समय या स्कूल जाते समय स्कूली बच्चे टूटी हुई गैलरी की छत के नीचे आश्रय लेकर खड़े रहते हैं। कई बार मेले के दौरान बरसात होने पर यात्री और ग्रामीण भी इस टूटी हुई गैलरी की छत के नीचे खड़े रहते हैं। ऐसे में बारिश के दौरान कभी भी गैलरी की छत भरभरा गिरती है तो बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
जोधपुर सेवा समिति के भवन की सडक़ किनारे गैलरी की दीवार कभी भी भरभरा कर स्कूली बच्चों या ग्रामीणों पर गिर सकती है। प्रशासन इसे समय रहते ठीक करें।