
जैसलमेर. सप्ताह में पांच दिवसीय कामकाज यानी दो दिन अवकाश सहित अन्य मांगों को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में देशव्यापी हड़ताल के तहत जैसलमेर में भी हड़ताल का असर देखा गया। बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे और हड़ताल का असर बैंकिंग सेवाओं पर नजर आया। बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज ठप रहने से अपने जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए पहुंचे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ग्राहक शाखाओं तक पहुंचने के बाद हड़ताल की जानकारी मिलने पर लौट गए। नकद जमा, निकासी, चेक से जुड़े कार्य, बैंक खातों से संबंधित कई सेवाएं और अन्य शाखा स्तरीय काम प्रभावित रहे। हड़ताल के चलते बैंकों के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। जिन लोगों को शुक्रवार को बैंक से जुड़े जरूरी कार्य निपटाने थे, उन्हें अब अगले कार्यदिवस तक इंतजार करना पड़ेगा। द्वितीय शनिवार और रविवार का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण ऐसे ग्राहकों में अधिक परेशानी नजर आई, जिन्हें बैंक शाखा में जाकर ही काम पूरा करवाना था।
हालांकि एटीएम, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं के जरिए ग्राहकों ने जरूरी लेन-देन करने का प्रयास किया। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और डिजिटल भुगतान से जुड़े कार्यों में अपेक्षाकृत राहत रही। वहीं नकदी की जरूरत वाले ग्राहकों ने एटीएम का रुख किया। इससे कुछ हद तक बैंकिंग जरूरतें पूरी हुईं, लेकिन शाखा स्तर पर होने वाले कार्यों का विकल्प डिजिटल माध्यम नहीं बन सका। हड़ताल के कारण बैंकिंग कामकाज प्रभावित होने से व्यापारियों, कर्मचारियों और आम ग्राहकों को अपने निर्धारित भुगतान एवं अन्य बैंकिंग कार्य आगे बढ़ाने में दिक्कत आई। ग्राहकों का कहना था कि बैंकिंग सेवाएं लगातार डिजिटल होने के बावजूद कई जरूरी कार्यों के लिए शाखा में जाना पड़ता है। ऐसे में बैंक हड़ताल का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। बैंक कर्मचारी और अधिकारी 5-डे बैंकिंग और परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव समेत कई मांगों को लेकर यह हड़ताल कर रहे हैं। गौरतलब है कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से हफ्ते में 5 दिन काम करने और 2 दिन छुट्टी की मांग कर रहे हैं। इस पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अंतिम फैसला अभी तक नहीं हुआ है।