
जैसलमेर. वर्तमान मेे जैसलमेर जिले मे डबल्यूएलएल तकनीकी पर कुल 52 प्रीपेड व 66 पोस्टपेड टेलीफोन कार्यरत है। यह नंबर जिले के विभिन्न स्थानों पर कार्यरत है। विभाग के निर्णय के अनुसार निकट भविष्य में डबल्यूएलएल तकनीकी को बंद किया जाना है । तकनीकी पर कार्यरत दूरभाषों के उपभोक्ताओं को अन्य तकनीकी जीएसएम लेंड लाइन पर संबंधित नंबरों को परिवर्तित करवाने को कहा गया है। तकनीकी रूप से संभव होने पर ही इन नंबरों को अन्य तकनीकी में परिवर्तित किया जा सकेगा। गौरतलब है कि परिमण्डल में डबल्यूएलएल तकनीक पर लगभग 9000 नंबर इस तकनीकी पर कार्य कर रहे है, जिनमे से जैसलमेर मे मात्र 118 नंबर इस तकनीकी पर कार्यरत है। जिला दूरसंचार अभियंता रमेशचंद्र व्यास ने बताया कि इनको बंद कर तकनीकी रूप से संभव होने पर अन्य तकनीकी से दिया जा सकेगा, अन्यथा इन नंबरों को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिमण्डल के निर्देश पर डबल्यूएलएल तकनीकी को निकट भविष्य मे बंद करने का निर्णय लिया गया है ।
‘महीने में दो शिविरों का आयोजन करने की जरूरत’
-जिला विधिक चेतना समिति की बैठक सम्पन्न
जैसलमेर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से गठित जिला विधिक चेतना समिति की प्रथम त्रैमासिक बैठक शुक्रवार को जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशुतोष कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के पदेन सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार गोयल, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राणीदान सेवक, सदस्य नवलकिशोर व्यास, अजरा मलिक, समाज कल्याण अधिकरी हिम्मतसिंह कविया, सहायक जन सम्पर्क अधिकारी ईश्वरदान कविया, अधिवक्ता रसीद अहमद मेहर उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने पदेन सचिव को निर्देशित किया कि आगामी त्रैमास के शिविरों के आयोजन के लिए समिति के सदस्यों के साथ मिलकर कलेंडर तैयार करें, ताकि विधिक चेतना समिति के उद्देष्यों को प्रभावी रूप से पूरा किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि समिति माह में कम से कम दो शिविर आयोजित करने में सहयोग प्रदान करे और शिविर दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित करने में प्राथमिकता रखे। बैठक में जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने कहा कि समिति के उद्देश्यों के अनुसार समाज में विशिष्ट रूप से महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों में विधिक चेतना को प्रोन्नत करने के लिए विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन करें। शिविर के आयोजन के लिए ऐसे स्थानों को चिह्नित करें, जहां विधिक चेतना की महत्ती आवश्यकता हो। बैठक में समिति के पदेन सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार गोयल ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की विनियम में उल्लेखित समिति की ओर से किए जाने वाले कार्यों की प्रति उपलब्ध करवाकर किए जाने वाले कृत्यों के बारे में विस्तार से समझाया। समिति के सदस्यों ने सुझाव प्रस्तुत किया कि ऐसे शिविर कच्ची बस्ती, विद्यालय, महाविद्यालय व दूर -दराज के क्षेत्रों में आयोजित किए जा सकेंगे।